Category: Hindu Mythology

भगवद गीता का सम्पूर्ण सार है इन 20 अनमोल श्लोको में, जो है मनुष्य की हर परेशानी का हल !

Bhagwat gita in hindi : (Bhagwat gita in hindi) हमारी जिंदगी में सुख और दुःख दोनों लगे हुए है, सुख के समय तो हम खुश रहते है लेकिन दुःख …

हिन्दू धार्मिक और पौराणिक कथाओ के अनुसार यह है पृथ्वी में भूकम्प आने का कारण !

Reason of earthquake hindu mythology: हमारे हिन्दू धर्म में पृथ्वी को माता की उपाधि दी गई है तथा उनको धरती माता के रूप में पूजा जाता है. पुराणों में …

जानिए भारत के विभिन्न राज्यों में किस तरह मनाया जाता है ”रंगो का त्यौहार” !

holi celebration in different country : भारत के सबसे प्रमुख त्योहारो में से एक होली पुरे भारत में धूमधाम से मनाई जाती है. होली रंगो का त्यौहार है तथा …

जानिये पांच अनमोल बाते, जो स्वयं महादेव शिव ने बताई थी माँ पार्वती को !

महादेव शिव समय समय पर माता पार्वती की जिज्ञास शांत करने के लिए उन्हें अनेक महत्वपूर्ण बाते बताते रहते है. ये बाते समाजिक, परिवारिक तथा वैवाहिक आदि से भी …

वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण से भी पहले लिखी गई थी राम कथा, जानिए कौन थे लेखक ?

भगवान विष्णु के अवतार श्री राम के जीवन पर आधारित अनेको ग्रन्थ एवं पुस्तके लिखी गई है पर मह्रिषी वाल्मीकि द्वारा रचित ”रामायण” को इन सभी में प्रमुख स्थान …

जानिए महादेव शिव के अनन्य भक्त कहलाने वाले नागा साधुओ का रहस्य !

हरिद्वार, इलाहाबाद, उज्जैन और नासिक में लगने वाले कुम्भ, अर्धकुम्भ या सिंहस्थ कुम्भ के मेला देखने लायक होता है क्योकि यहाँ लाखो की आबादी में देश-विदेश से लोग आते …

आखिर क्या था वह प्रश्न जिसका उत्तर एक विद्वान मह्रिषी और उसकी आठ पीढ़िया भी नही दे पायी, आदि पुराण की एक अनोखी कथा!

Pauranik katha in hindi – पौराणिक कथाएं (Pauranik Kathayen) पौराणिक कथा(pauranik katha) के अनुसार एक आश्रम में विद्वान ऋषि कक्षीवान  रहते थे वे प्रत्येक प्रकार के शास्त्र और वेद में …

जब यमलोक हुआ सुना और बिगड़ी वहां की व्यवस्था तो कैसे किया ब्रह्मा ने यम की चिंता का निवारण !

पुराणो के अनुसार ब्रह्मा जी को सृष्टि रचियता, भगवान विष्णु को पालनकर्ता  व शिव को संहारकर्ता माना गया है इसी तरह अन्य देवताओ को उनके सामर्थ्य के अनुसार सृष्टि …

अाइये एक नज़र डालते है अग्नि पुराण पर – जो है पुराणो में सबसे लघु आकार का पुराण !

Agni Puran (agni puran) पुराण का शब्दिक अर्थ होता है पुराना या प्राचीन जो ”पूरा एवं अण” शब्द से मिलकर बना है. पूरा शब्द का अर्थ होता है अनागत …

आखिर क्यों मानी जाती है माँ गंगा श्राद्ध के लिए पवित्र !

pitru paksha shradh एक बार नारद मुनि ने ऋषि सनकजी से पूछा, आप शास्त्रो के पारदर्शी विद्वान है, मुझे बताये क्षेत्रो में उत्तम क्षेत्र और तीर्थो में उत्तम तीर्थ …