Shani jyanti पर करे एक सिंपल उपाय जो आपकी किस्मत , भाग्य दोनों को बदल देगा!!

Shani Jyanti 2018

Shani jyanti शनि जयंती 2018 हिंदी में, जाने आपकी कुंडली में शनि दोष है की नहीं ?

इंग्लिश कैलेंडरके हिसाब से इस बार 15 मई को है. और शन‍ि जयंती Shani jyanti हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को मनाई जाती है| यह उत्सव शनि देव के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है, क्योंकी इसी द‍िन शन‍ि देव का जन्‍म हुआ था| इस द‍िन शन‍ि देवके क्रोध से बचने के लिए और उनका आशीर्वाद पाने के लिए उनकी पूजा का व‍िधान है. शन‍ि की कृपा मिलने पर गरीब भी मालामाल हो जाता है. और यदि वे कुपित हुए तो अर्थ है, हर तरफ से दुख पाना। शनि ग्रह वायु तत्व और पश्चिम दिशा के स्वामी हैं. शास्त्रों के अनुसार शनि जयंती पर उनकी पूजा-आराधना और अनुष्ठान करने से शनिदेव विशिष्ट फल प्रदान करते हैं|

जानिए कुछ उपाय …

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Shani jyanti 2018

Shani Jayanti Katha / story शनि जयंती से जुड़ी कथा

अमावस्या के दिन शनि जयंती Shani jyanti मनाई जाती है| आपको बता दे की शनि देव सूर्य व् छाया के पुत्र थे| यह हर कोई जनता है लेकिन इससे पहले सूर्य देव की शादी संध्या से भी हुई थी, जिससे उनको तीन पुत्र थे, मनु, यम व् यमुना|शनि जन्म के संदर्भ में एक पौराणिक कथा बहुत मान्य है| जिसके अनुसार शनि, सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं| कुछ समय बाद छाया के गर्भ से शनि देव का जन्म हुआ| इन्ही छाया से शनिदेव उत्पन्न हुए थे| शनि महाराज को सबसे गुस्से वाला कहा जाता है, कहते है अगर शनि की दशा ख़राब चल रही होती है, तो बने हुए भी काम बिगड़ जाते है| कहते है जिनकी कुंडली में शनि का दोष रहता है, उन्हें इसके प्रकोप से बचने के लिए भगवान् शनि की आराधना करनी चाहिए|
Shani Jayanti Katha / story शनि जयंती से जुड़ी कथा

Significance of Shani Jyanti शनि जयंती महत्व –

वैसे तो हर शनिवार भक्त आते है लेकिन इस दिन प्रमुख शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ दुगनी हो जाती है. लोग शनि देव स्थित प्रमुख शनि मंदिरों में पूजा पाठ करते हैं,  शनि पीड़ा से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं| शनि देव का रूप स्वरूप काला है. इस लिए उन्हें काला रंग अधिक प्रिय है| शनि देव दिन श्रद्धालु शनि देव का चौला भी चढाते है. Shani jyanti धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव का जन्म ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि के दिन हुआ है. जन्म के समय से ही शनि देव श्याम वर्ण, लंबे शरीर, बड़ी आंखों वाले और बड़े केशों वाले थे. यह न्याय के देवता हैं, योगी, तपस्या में लीन और हमेशा दूसरों की सहायता करने वाले होते हैं| शनि ग्रह को न्याय का देवता कहा जाता है यह जीवों को सभी कर्मों का फल प्रदान करते हैं|

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Significance of Shani Jyanti शनि जयंती महत्व

शनि जयंती का महत्व Shani Jayanti Mahatv

न्याय के देवता भी कहा जाता है और भगवन शनि देव सभी लोगो को उन के क्रम अनुसार सुख दुःख देते है| शनि अन्य ग्रहों की तुलना मे धीमे चलते हैं इसलिए इन्हें शनैश्चर भी कहा जाता है| शनि जयंती के दिन लोग अपने जीवन में सुख शांति समृद्धि के लिए शनि भगवान की पूजा आराधना करते है|अगर आप भी शनि देव को ख़ुश रखना चाहते हो तो इस दिन उपास रखना चाइये और साथ ही शनि की पूजा से वे और भी ज्यादा खुश होते है| वैसे तो तेल हर शनि वार चढ़ता है लेकिन इस दिन आवश्य तेल का दान करना चाइये ,तेल दान का इस दिन बहुत महत्त्व होता है| Shani jyanti शनि का महत्व हमारे जीवन में बहुत खास है शनि देव ही तह करते है आपकी जीवन की रेखा चाहे वो बीमारी, स्वास्थ्य, डर, मृत्यु, नुकसान ये सब शनि पर निर्भर करते है|
शनि जयंती का महत्व Shani Jayanti Mahatv

पूजा विधि Shani Dev Jayanti puja vidhi

क्या करे शनि जयंती Shani jyanti पर शनि जयंती के इतने शुभ अवसर पर शनिदेव के निमित्त विधि-विधान से पूजा पाठ तथा व्रत किया जाता है| शनि जयंती के दिन किया गया दान पूण्य एवं पूजा पाठ शनि संबंधि सभी कष्टों दूर करता है| नियम है की शांति जयंती Shani jyanti पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखना चाइये| फिर शनिदेव के निमित्त पूजा करने हेतु भक्त को चाहिए कि वह शनि जयंती के दिन सुबह जल्दी स्नान आदि से निवृत्त होकर नवग्रहों को नमस्कार करते हुए शनिदेव की लोहे की मूर्ति स्थापित करें और उसे सरसों या तिल के तेल से स्नान कराएं पूजा व् आराधना के बाद रात को आप कुछ भी ग्रहण कर सकते है|
पूजा विधि Shani Dev Jayanti puja vidhi

पूजा में लगने वाला समान (Shani Dev Puja Samagri )

हम आपको बता रहे हैं,  शन‍ि देव को प्रसन्‍न करने के लिए कुछ खास उपाय जो आपकी किस्‍मत बदल सकते हैं | Shani jyanti शनि की द्रष्टि आपके जीवन में ना पड़े इसके लिए पंडित तरह तरह के उपाय आपको बताते है. हर शनिवार शनि मंदिर में तेल का दान, शनिवार उपास ये सब किया जाता है| जयंती वाले दिन पूजा सामग्री सहित शनिदेव से संबंधित वस्तुओं का दान करें. इस प्रकार पूजन के बाद दिन भर निराहार रहें व मंत्र का जप करें. शनि की कृपा एवं शांति प्राप्ति हेतु तिल,उड़द,कालीमिर्च,मूंगफली का तेल,आचार,लौंग,तेजपत्ता तथा काले नमक का उपयोग करना चाहिए, शनि देव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. शनि के लिए दान में दी जाने वाली वस्तुओं में काले कपडे,जामुन,काली उडद,काले जूते,तिल,लोहा,तेल,आदि वस्तुओं को शनि के निमित्त दान में दे सकते हैं|

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पूजा में लगने वाला समान (Shani Dev Puja Samagri )

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