आपकी किस्मत होगी आपके हाथ बस करना होगा एक छोटा सा काम..

Tulsi mala History, Benefits, Upay, Niyam…

1.Tulsi mala in hindi – तुलसी माला की महिमा||

Tulsi mala upay हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत बड़ा महत्व दिया गया है| तुलसी की माला पहनने से कई बीमारियां ठीक हो होती हैं, तुलसी को शास्त्रों में व् ज्योतिष के अनुसार उल्लेख है| कि भगवान विष्णु ने शालिगराम का रूप इसलिए ही लिया था ताकि वे तुलसी के चरणों में रह सकें। इस लिए भगवान विष्णु को रमप्रिया मानी जाती है। और तुलसी खुद को भगवान की सेविका मानती हैं और उन्हें शालिगराम के रूप मे हमेशा अपने छांव में रखती हैं। तुलसी के पौधे में कई औषधीय गुण भी पाए जाते हैं जो की बीमारियों और दवाइयों में इस्तमाल किया जाता है|
Tulsi mala upay

1.2 Tulsi mala by astrologers :-

इसे वैज्ञानिक तौर पर विशिष्ट महत्व देते हैं। चाहे पौधा हरा भरा हो या सूखा हुआ इसमें चमत्कारिक रूप से कई गुण हमेशा मौजूद रहेते हैं जो कि हमें हर तरफ से स्वास्थ्य लाभ देते हैं। हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र माना गया है अक्सर घरों में परिवार की सुख-समृद्धि के लिए इसकी पूजा भी की जाती है। और तुलसी की माला को भी धारण करना अच्छा माना जाता है। ज्योतिष के मुताबिक, माना जाता है कि तुलसी की माला पहनने से बुध और गुरु ग्रह बलवान होते हैं। लेकिन इसे धारण करने के लिए कुछ नियम हैं। आइए आपको बताते हैं कि इस माला को धारण करने के लिए मुख्य नियम|
Tulsi mala by astrologers

2. Rules for wearing tulsi mala – Tulsi mala niyam||

2.1 तुलसी की माला के नियम :-

ज्योतिष और शास्त्रो में बताया गया है कि तुलसी की माला पहनने से पहले इसे गंगा जल और धूप दिखाना चाहिए।इसे तुलसी की mala को धारण करने पर बुध और गुरु ग्रह बलवान होते हैं और सुख-समृद्धि भी दुगनी हो जाती है | तुलसी की माला पहनने से पहले मंदिर में जाकर श्रीहरि की पूजा करनी चाहिए। इसे भगवान विष्णु का आशीर्वाद आप पर सदेव बना रहेता है | तुलसी की माला को धारण करने वाले को लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे तुलसी की mala का अनाधर होता है | जो भी व्यक्ति तुलसी की माला को धारण करता है उसे मांस व मदिरा से भी दूर रहना चाहिए।
Can ladies wear Tulsi mala

 3.Can ladies wear Tulsi mala – क्या लेडीज तुलसी माला धारण कर सकती है ??

हिंदू धर्म में महिलाएं सुख-समृद्धि लाने के लिए तुलसी की पूजा करती हैं। इसी तरह तुलसी की माला भी धारण करना अच्छा माना जाता है। जो सजन भगवान विष्णु और कृष्ण के में आस्था विश्वास रखते है वो तुलसी की माला को धारण करते हैं। कहा जाता है कि इस माला को पहहने से ही आत्मा और मन की शुद्धि होती है। इतना ही नहीं भगवान कृष्ण के भक्त मानते हैं कि इस माला से जप करने से भगवान उनके और करीब आते हैं। और उन की सारी मनोकामना पूरी करते है |

Can ladies wear Tulsi mala

  3.1 तुलसी की माला कब पहने- Tulsi mala rules for wearing in hindi ||

तुलसी की mala वैसे  तो आप कभी भी धारण कर सकते है| लेकिन अगर आप इसे किसी शुभ महूरत पर पहनते है तो आपको इस का दुगना फ़ायदा होता है और आप को हर तरफ से सफलता मिलती है| तुलसी की mala को आप ने सोमवार के दिन धारण करना है और इस को धारण करने के नियम भी आप ने पढ़ लिए है| तो आपको अगर इस को पुरे नियम से धारण करेगे तो आपको जरुर फ़ायदा होगा|

Tulsi mala rules for wearing in hindi

  3.2 तुलसी माला की पहचान / Tulsi mala identification :-

तुलसी की mala वैसे तो आपको कभी भी कही भी मिल जाएगी लेकिन कौन सी असली है यह जाना बहुत जरुरी हो जाता है हमारे ज्योतिष द्वारा आपको बता दे की इस की पहचान करना काफी सरल है अगर आप तुलसी की mala को ३० मिनट तक पानी में दाल कर रख दे तो आप पहचान सकते है अगर इस का कलर निकला तो वो असली नही है|

Tulsi mala

 4. Tulsi mala benefits – बेनिफिट्स ऑफ तुलसी माला..

तुलसी की माला पहनने से बुध और गुरू ग्रह को बल मिलता है। ज्योतिष में ऐसा बताया गया है। बुरी नजर से बचाने के लिए भी इस माला को लोग बच्चों को धारण कराते हैं। इसके धारण मात्र से प्रभु की प्राप्ति होती है जिससे सभी प्रकार के सुख मिलते हैं। इस पवित्र माला को धारण करने से पहले गंगाजल से इसे धोना चाहिए। इसके बाद धूप-दीप देनी चाहिए। मंदिर में जाकर श्रीहरि पूजा करनी चाहिए| जो लोग इस माला को धारण करते हैं उन्हें प्याज लहसुन नहीं खाना चाहिए। इनके अलावा कभी नॉनवेज खाना भी नहीं खाना चाहिए।

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  5. Tulsi mala history – तुलसी माला कथा ..

  • तुलसी के बीजों की माला बहुत ही लाभदायक होती है। तुलसी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। श्यामा तुलसी और रामा तुलसी। श्यामा तुलसी अपने नाम के अनुसार ही श्याम वर्ण की होती है तथा रामा तुलसी हरित वर्ण की होती है। तुलसी और चंदन की माला विष्णु, राम और कृष्ण से संबंधित जपों की सिद्धि के लिए उपयोग में लाई जाती है।  Mantra मंत्र : इसके लिए मंत्र ‘ॐ विष्णवै नम:’ का जप श्रेष्ठ माना गया है। मांसाहार आदि तामसिक वस्तुओं का सेवन करने वाले लोगों को तुलसी की माला धारण नहीं करनी चाहिए।

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*श्यामा तुलसी : श्यामा तुलसी की माला धारण करने से विशेष रूप से मानसिक शांति प्राप्त होती है, ईश्वर के प्रति श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, मन में सकारात्मक भावना का विकास होता है, आध्यात्मिक उन्नति के साथ ही पारिवारिक तथा भौतिक उन्नति होती है। इस माला को शुभ वार, सोम, बुध, बृहस्पतिवार को गंगाजल से शुद्ध करके धारण करना चाहिए।                                                                                                                        *रामा तुलसी माला : इस माला को धारण करने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास में वृद्धि तथा सात्विक भावनाएं जागृत होती हैं। अपने कर्तव्यपालन के प्रति मदद मिलती है। इस माला को शुभ वार, सोम, गुरु, बुध को गंगाजल से शुद्ध करके धारण करना चाहिए।

Tulsi mala

 6. Other important point- also effective for….

तुलसी की माला धारण करने की विधि:- तुलसी की माला में विद्युत शक्ति होती है। इस माला को पहनने से यश, कीर्ति और सौभाग्य बढ़ता है। शालिग्राम पुराण में कहा गया है कि तुलसी की माला भोजन करते समय शरीर पर होने से अनेक यज्ञों का पुण्य मिलता है। जो भी कोई तुलसी की माला पहनकर नहाता है, उसे सारी नदियों में नहाने का पुण्य मिलता है।

Tulsi mala in hindi

 6.1.Remove all problems :-

तुलसी की माला पहनने से बुखार, जुकाम, सिरदर्द, चमड़ी के रोगों में भी लाभ मिलता है। संक्रामक बीमारी और अकाल मौत भी नहीं होती, ऐसी धार्मिक मान्यता है। तुलसी माला पहनने से व्यक्ति की पाचन शक्ति, तेज बुखार, दिमाग की बीमारियों एवं वायु संबंधित अनेक रोगों में लाभ मिलता है। इसे पहनने से बुरी नजर के प्रभाव से बचा जा सकता है। इस माला को धारण करने वाले व्यक्ति को जीवन में किसी प्रकार का दुख और भय नहीं सताता।

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