क्या इस मंदिर में खुद भगवन शिव विराजमान होते है शिवरात्रि पर??

Shankaracharya Temple Jammu Kashmir

Shankaracharya Temple श्रीनगर हिमालय में अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। जम्मू और कश्मीर वैसे तो बहुत सी घुमने के स्थान है लेकिन अगर हम बात करे धार्मिक स्थान की तो उन्हें में से एक है shankaracharya temple| बहुत से लोग यहाँ छुट्टिय मानाने या गुमने फिरने आते है| वो लोग यहाँ दर्शन करने जरुर जाते है|वैसे तो कई हधार्मिक स्थान है लेकिन यह राज्य का एक बड़ा मंदिर शंकराचार्य मंदिर Shankaracharya Temple है| जिस के अनेक नाम है “ज्येष्ठेश्वर मंदिर” और ‘पास-पहाड़’ भी कहा जाता है। यह भगवन शिव भोले नाथ का प्रमुख मंदिर है| यहाँ हर मनोकामना पूरी होती है, और हर साल लाखो लोग यहाँ आते है और मनत मांगते है और दर्शन करते है|
janiye शिव प्रतिमा के आठ प्रकार kon se hai

Shankaracharya Temple Jammu Kashmir

Significance of shankaracharya temple

यह मंदिर बेहद लोकप्रिय और प्रशंसित भगवान शिव को समर्पित है। हिमाचल में एक और ऐसा मंदिर जो शंकराचार्य पहाड़ी के ऊपर स्थित है, जो जबरवान पर्वत का हिस्सा है। Hindu temples in srinagarindu temples in srinagar और यह जमीन स्तर से ऊपर 1,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर ऊंचाई से श्रीनगर के खूबसूरत शहर को देखता है। कही साल पहले एक राजा ने शंकराचार्य पहाड़ी की चोटी पर एक मंदिर का निर्माण 371 ईसा पूर्व के आसपास किया था। इसलिए जिसके बाद मंदिर का नाम राजा के नाम पर ही रखा गया था। फिर कुछ साल बाद एक इन्शान शंकराचार्य इस स्‍थान पर कश्‍मीर यात्रा के दौरान ठहरे थे जब से इस मंदिर का गोपादारी से नाम बदलकर शंकराचार्य कर दिया गया था|

Significance of shankaracharya temple

Who build the temple and when?

शंकराचार्य मंदिर में हर रोज सुबह श्याम नियमित रूप से तीर्थयात्रियों द्वारा पूजा की जाती है| यहाँ लोग बहुत आते है और ज्यादातर लोग यहाँ गर्मियों की छुट्टियों में आते है| अमरनाथ यात्रा के दौरान जो लोग जाते है उस का रास्ता शंकराचार्य मंदिर से 243 सीढ़िया होकर निकलता है| और वहा से सुंदर श्रीनगर शहर को देखता है और मंदिर करीब 1000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां से भव्य बर्फ वाले पहाड़ों को भी देखा जा सकता है। यह तीर्थ क्षेत्र इस क्षेत्र में सबसे पुराना और कश्मीर घाटी में से एक है।
जानिए आखिर क्यों आता है शिव को गुस्सा ,क्या शिव बना अपने पुत्र की मृत्यु का कारण

Who build the temple and when?

शंकराचार्य मंदिर का समय – Shankaracharya Temple Time

वैसे तो मंदिर कभी भी आ सकते है Best time to visit shankaracharya temple लेकिन मंदिर सुबह 6 बजे खुलता है। यहाँ का प्रवेश द्वार सेना के कर्मियों द्वारा संरक्षित है। 5 बजे के बाद मंदिर के भीतर जाने की अनुमति नहीं है, लेकिन मंदिर 8 बजे तक खुला रहता है। आप बहार से दर्शन कर सकते है| शंकराचार्य मंदिर बहुत ही सुन्दर मंदिर में से एक है, यह मंदिर जितनी उचाई पर है उतना ही सुन्दर नज़ारा देखने को मिलता है|वैसे तो यहाँ हर सीजन में लोग आते है लेकिन गर्मियों में यहाँ बहुत अधिक भीड़ होती है| इस मंदिर की बहुत मान्यता है यहाँ नए शादी सुधा जोड़े दर्शन के लिए आते है और आशीर्वाद ले कर अपनी लाइफ सुरु करते है|
click here janiye अचलेश्वर महादेव मंदिर – हर दिन तीन बार रंग बदलता है यह शिवलिंग !
शंकराचार्य मंदिर का समय – Shankaracharya Temple Time

Festival of Shankaracharya Temple

शंकराचार्य मंदिर में मनानेवाले त्यौहार क्यों की यह शिव जी का मंदिर है तो यहां शिवरात्रि बहुत उत्साह के साथ मनाते हैं। जो भी लोग शिवरात्रि को यहाँ दर्शन करने आता है वो इन्शान बहुत लकी होता है और उस दिन उस की मनोकामना पूरी होती है|शिव जी खुद दर्शन देते है और मान्यता है की उस दिन शिव जी महाराज खुद स्वयं वहा विराजमान होते है|

Festival of Shankaracharya Temple

How to Reach Shankaracharya Temple

शंकराचार्य मंदिर तक कैसे पहुंचे पर्यटकों को इस मंदिर की यात्रा के लिए सेना विभाग से विशेष अनुमति लेनी होगी। जम्मू और श्रीनगर भारत के प्रमुख शहरों हैं और दोनों देश के सभी हिस्सों से गाड़ियों, वायुमार्ग और सड़क द्वारा अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं। श्रीनगर का आदि शंकराचार्य मंदिर एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मंदिर रहा है और इस प्रकार स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच विशेष महत्व है। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर का कई लोगों ने दौरा किया है और श्रीनगर शहर भी कई लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है और यहां कई पर्यटक आते हैं। मंदिर और उसके आसपास विशाल प्राकृतिक सुंदरता का एक स्थान है और इसलिए इस जगह पर जीवन में एक बार यात्रा करनी ही चाहियें।
How to Reach Shankaracharya Temple