क्यों क्रोधित हुए भगवान शिव और काट दिया ब्रह्मा जी का एक शिर – मत्सय पुराण रोचक कथा !

lord shiva cut brahma's head

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lord shiva cut brahma’s head  :

हिन्दुओ में तीन प्रधान देव माने जाते हे .ब्रह्मा ,विष्णु तथा महेश | जिसमे ब्रह्मा संसार के रचयिता हे, विष्णु पालनकर्ता तथा शिवजी संसार के संहारक हे | पौराणिक कथा के अनुसार शिवजी ने बर्ह्मा को उत्पन किया तथा उन्हें सृस्टि के रचना का कार्य सौपा| जब ब्रह्मा मानसिक सृस्टि से विस्तार नही कर सके तो उन्होंने एक सुन्दर कन्या देवी का निर्माण किया जिसका नाम सतरूपा था | सतरूपा को सरस्वती, संध्या, या ब्राह्मी सहित विभिन्न नामों से जाना जाता था।

सतरूपा बहुत ही सुन्दर थी , जब ब्रह्मा जी ने सतरूपा को देखा तो वह तुरंत उनके प्रति आकर्षित हो गए | उन्होंने इससे पहले कभी ऐसी सुंदरता देखी ही नही थी | ब्रह्मा जी सतरूपा का पीछा करने लगे| ब्रह्मा के नजरो से अपनी रक्षा करने के लिए सतरूपा विभिन्न दिशाओ में जाने लगी .जहा भी देवी सतरूपा जाती, ब्रह्मा जी उनपे नजर रखने के लिए उस दिशा की और अपना एक नया सर उत्त्पन कर लेते | इस प्रकार, ब्रह्मा के पांच सिर हो गए, हर तरफ एक सिर और पांचवां चार सरो के ऊपर विकसित कर लिया |

ब्रह्मा जी के इन कार्यो से देवी सतरूपा बहुत ही हताश व बेचेंन हो गई .उस समय ब्रह्मा जी के इन सभी कार्यो को महा देव शंकर जी देख रहे थे तथा वह ब्रह्मा जी के इस कृत्य को देखकर बहुत क्रोधित हुए. तथा उसी पल ब्रह्मा के समीप प्रकट होकर उन्होंने ब्रह्मा का पाँचवा सर काट दिया तथा उन्हें श्राप दिया की, सतरूपा तुमहरे द्वारा उत्पन की गयी हे वह तुम्हार पुत्री है | इस तरह सतरूपा पर नजर डालना अत्यंत गलत हे, तुम अपवित्र हो चुके हो | अतः आज से तुम्हे त्रिदेव की पूजा में सम्मिलित नही किया जायेगा तथा ब्रह्माण्ड में तुम्हारी पूजा का कोई उचित स्थान नही होगा | इस घटना के बाद पश्चाताप से पीङित ब्रह्मा ने हर मुंह से एक वेद का पाठ भी किया |

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