जानिए क्या महत्व है प्रदोष व्रत का !

pradosh vrat vidhi

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pradosh vrat vidhi :

प्रदोष व्रत (pradosh vrat) में भगवान शिव को पूजा जाता है तथा यह व्रत त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और यह व्रत अति मंगलकारी और शिव की कृपा प्रदान करता है | ऐसी मान्यता है की भगवान शिव कैलाश पर्वत में प्रदोष काल में प्रस्सन मुद्र में निर्त्य करते है, प्रदोष के दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी पापो से मुक्ति मिलती है तथा मोक्ष प्राप्त होता है |

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प्रदोष व्रत (pradosh vrat) की पूजा शाम को 4:30 बजे से 7:00 बजे के बीच करनी चाहिए क्योकि यह समय भगवान शिव के आह्वान के लिए शुभ माना जाता है | ऐसी धरणा है की प्रदोष कल में सभी देवी देवता शिव की पूजा में सम्लित होते है अतः शिव की अन्य पूजाओं में प्रदोष पूजा अत्यंत महत्वपूण है | शास्त्रो के अनुसार प्रदोष व्रत रखने से दो गायो के दान के समान पुण्य प्राप्त होता है | अलग -अलग वारो के अनुसार प्रदोष व्रत के अलग -अलग लाभ होते है |