भगवान कृष्ण के अलावा महाभारत का यह पात्र देख सकता था भविष्य !

sahdev in mahabharat

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sahdev in mahabharat :

इस संसार में हर व्यक्ति अपने वर्तमान को न जीकर भविष्य के चिंतन में डूबा रहता है इस कारण यदि वह वर्तमान में सुखी भी है पर अपनी भविष्य के चिन्ताओ को लेकर दुखी जीवन को जीने में मजबूर होता है | मनुष्य अक्सर सोचता है की भूतकाल में तो उसका वश है नही यदि वे अपने भविष्य के बारे में पता लगा सकते तो वह अपनी किस्मत खुद लिख सकते | भविष्य में होने वाली घटना को जानकर वे अपनी आने वाली मुसीबतो को दूर कर सकते या उस पर काबू पा सकते |

पर आपको को ये जानकार आश्चर्य होगा की महाभारत में कृष्ण के अल्वा एक और पात्र था जो भविष्य में होने वाली सभी घटनाओ को जान सकता था उसमे भविष्य को देखने की अद्भुत शक्ति थी | परतु भविष्य की जानकारी होने के बावजूद यह पात्र महाभारत जैसे महायुद्ध को चुपचाप होते देखता रहा | आखिर कौन था यह पात्र और क्यों इसने महाभारत जैस महा युद्ध को होने से नही रोका |

वेद व्यास दवारा लिखित महाभारत के अनुसार पांडवो में सहदेव एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्हे ज्योतिषशास्त्र का बहुत ही उत्तम था .उन्हें आने वाले समय में होने वाली सभी घटनाओ का पहले से ही ज्ञान हो जाता था.केवल भविष्य में होने वाली घटनाये ही नही उन्हें महाभारत के युद्ध का भी पहले से ही पता था .अगर वो चाहते तो इस युद्ध को रोकने के लिए पहले ही सबको बता देते और उन्हें सजग कर सकते थे | परन्तु उन्होंने ऐसा कुछ नही किया और इन सबका एक बड़ा कारण था उनके द्वारा भगवान कृष्ण को दिया गया वचन |

जैसाकि आप सभी जानते है भगवान श्री कृष्ण सभी ज्ञान को अपने आप में समेटे हुए है .उन्हें हर जीव और विश्व में होने वाली घटनाओ का ज्ञान पहले से ही था | उन्होंने सहदेव से वचन लेते हुए कहा था ‘वत्श तुम अपनी शक्तियों के द्वारा किसी वयक्ति के कर्मो को निर्धारित नहीं कर सकते और अपने बुद्धि और विवेक द्वारा हर एक व्यक्ति को उसके स्वय के फैसले लेने का अधिकार है | यदि तुम अपने शक्तियों पर कभी अभिमान करते हो अथवा उनके बल पर संसार में पूर्व निर्धारित कार्य को बदलने की कोशिश करते हो तो पलभर में तुम्हारे मस्तिक के दो टुकड़े हो जायेंगे ‘ | भागवत पुराण में लिखा गया है की धर्मराज युधिस्ठर ने उन्हें बृहस्पति जितना विद्वान बताया है|

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