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क्यों विवाह ना होने के कारण नारद मुनि ने भगवन विष्णु को दिया श्राप ?

narad muni vivah story :

एक बार नारद मुनि एक गुफा में तपस्या कर रहे थे | उनकी तपस्या को देख के देवराज इंद्रा चिंतित हो उठे और उन्होंने नारद मुनि की तपस्या भंग करने का मन बनाया | उन्होंने अग्निदेव , वायुदेव और कुछ देवताओ को तपस्या भांग करने के लिए भेजा लेकिन वो सब के सब असफल रहे, अंत में इंद्रा देव ने कामदेव को ये कार्य सौंपा |

लेकिन कामदेव बहुत कोशिश करने के बाद भी नारद मुनि की तपस्या भंग नहीं कर सके और उन्होंने हार मान ली और कामदेव ने कहा की भगवान शिव भी क्रोध पर काबू नहीं पा सके थे और उन्होंने मुझे भस्म कर दिया था लेकिन आपने काम के साथ साथ क्रोध पर भी अपना काबू पा लिया है |

कामदेव की बात सुन कर नारद मुनि बहुत प्रसन्न हो उठे और वह अपने आप को भगवन से ऊपर समझने लग गए और अंदर ही अंदर अभिमानी हो गए | उन्होंने शिवजी और भगवान विष्णु को ये सारी कहानी सुनाई | विष्णुजी समझ गए थे की नारद मुनि को अभिमान हो गया है जो की सही नहीं है इसलिए उन्होंने नारद मुनि को सबक सीखने की सोची |

अब भगवान विष्णु ने अपनी माया रचनी शुरू कर दी , उन्होंने एक नगरी का निर्माण किया जिसका राजा था शीलनिधि और उसकी एक सुन्दर कन्या – विश्वमोहिनी | एक दिन जब नारद मुनि वहां से गुजर रहे थे तो उनकी नज़र उस नगरी पर पड़ी और वो राजा से मिलने चले गए | वहाँ राजा ने उन्हें अपने बेटी से मिलवाया | विश्वमोहिनी को देख कर नारद मुनि मोहित हो गए और कहा की जो भी इस लड़की से विवाह करेगा वह भगवन की तरह होगा और उसे युद्धभूमि में कोई हरा नहीं पायेगा | ये सुनकर राजा शीलनिधि ने स्वयंवर की घोषणा कर दी |

अब नारद मुनि विष्णु जी के पास गए और उनसे सुझाव माँगा की वह ऐसा क्या करे की राजकुमारी स्वयंवर में उन्हें ही पसंद करे | अब भगवान विष्णु ने एक चाल खेली उन्होंने स्वयंवर में नारद मुनि के मुँह की जगह एक बन्दर का मुंह लगा दिया | जब राजकुमारी ने नारद मुनि को देखा तो वो हैरान रह गयी और उन्होंने वरमाला उनके पास मैं बैठे राजकुमार को ढाल दी | नारद मुनि को ये पता नहीं था की उनके मुंह की जगह बन्दर का मुंह है लेकिन जब उन्होंने पानी मैं अपना चेहरा देखा तो वो समझ गए की ये सारा खेल विष्णु भगवान का है |

उन्होंने विष्णु जी को श्राप दिया की जिस तरह से तुमने मेरा वियोग कराकर मुझे दुःख पहुँचाया है उसी तरह तुम भी स्त्री के वियोग में दुखी होगे और तब एक वानर ही तुम्हारी मदद करेगा |

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