महेंदीपुर बालाजी, राजस्थान – बुरी आत्माओ से दिलाते है मुक्ति महेंदीपुर के बालाजी !

Mehandipur Balaji Temple

Mehandipur Balaji Temple:

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महेंदीपुर बालाजी का यह मंदिर(mehandipur balaji temple) भूत-प्रेत और बुरी आत्मा से पीड़ित व्यक्तियों को उनकी पीड़ा से मुक्ति दिलाता है. यह एक अत्यंत चमत्कारिक मंदिर है जहाँ दुनिया भर से लोग महेंदीपुर बालाजी और श्री भैरवनाथ जी के दर्शन को आते है और अपने सारे कष्टो से मुक्ति पाते है.

बालाजी का यह प्रसीद मंदिर (mehandipur balaji temple) राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है यहाँ प्रेतराज और भैरवनाथ दंडाधिकारी के रूप में बुरी से बुरी आत्मा ,चुडेल ,भूत आदि को दण्ड देकर भयंकर शरीरिक व मानशिक कष्ट से जूझ रहे व्यक्ति को उसके इस पीड़ा से मुक्त कराते है. सम्पूर्ण भारत और देश विदेश के लोगो का यहाँ ताँता लगा रहता है बालाजी (mehandipur balaji) के मूर्ति को ध्यान से देखने पर उनके सीने पर एक छोटा सा छिद्र दिखाई देता है यह छिद्र बड़ा ही विचित्र हे क्योकि इसमें से लगातार एक जल की छोटी सी धारा लगातार बहती रहती है जो बालाजी के चरणो के तले में एकत्रित होती रहती है.

इस जल की धारा को भक्त चरणामृत के रूप में ग्रहण करते है और प्रशाद के रूप मे अपने घरो को भी ले जाते है. महेंदीपुर बालाजी(mehandipur balaji temple) को घाटे बालाजी के नाम से भी जाना जाता है .यहाँ पर भूत प्रेत आदि से सताए व्यक्तियों को तीन भगवानो को अलग-अलग प्रसाद चढ़ाने होते है ,बालाजी भगवान को लडुओ का सेवन ,प्रेतराज को चावल तथा भैरवनाथ को उड़द का प्रसाद चढ़ाया जाता है | इनमे से दो लड्डू रोगी को दिया जाता है तथा बाकी प्रसाद पशु-पछियों में डाल दिया जाता है.

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बालाजी ,प्रेतराज और कोतवाल (भैरव ) यहाँ लगभग एक हजार वर्ष पूर्व प्रकट हुए थे | कहा जाता है की किसी शासक ने बालाजी महराज की मूर्ति की खुदाई करने का प्रयत्न किया. सेकड़ो हाथ खोद डालने के बाद भी वह मूर्ति के चरणो के अंत तक नही पहुंच सका तब उसने हारकर खुदाई रोक दी. इस मूर्ति को किसी शिल्पकार ने गढ़कर नही बनाया है वास्तविकता में यह पर्वत का ही एक रूप है यहाँ भूत प्रेत से पीड़ित गंभीर व्यक्तियों को जंजीर से बांधकर लाया जाता है जो चीला-चिलाकर उनके अंदर बैठी हुई बुरी आत्माओ के बारे में बताते है . इस मंदिर (mehandipur balaji temple) को भूत प्रेत से मुक्ति का सबसे कारगार मंदिर माना गया है जहाँ बगैर दवा व तंत्र मन्त्र के पीड़ित व्यक्ति स्वस्थ होकर जाता है. शनिवार और मंगलवार को यहाँ आने वाले भक्तो की तादात और भी अधिक हो जाती है.

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