मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान – बुरी आत्माओ से दिलाते है मुक्ति मेहंदीपुर के बालाजी !

Mehandipur Balaji Temple:

Mehandipur balaji temple भूत-प्रेत और बुरी आत्मा से पीड़ित व्यक्तियों को उनकी पीड़ा से मुक्ति दिलाता है. यह एक अत्यंत चमत्कारिक मंदिर है जहाँ दुनिया भर से लोग mehandipur balaji और श्री भैरवनाथ जी के दर्शन को आते है और अपने सारे कष्टो से मुक्ति पाते है. जैसा कि आप सब जानते है जो भक्ति हनुमान जी सच्चे मन से पूजा करता है उसके चारो तरफ एक शक्तिशाली हनुमान कवच बन जाता है जो भक्तो को हर संकट से बचाता है. शास्त्रों में कई प्रकार से हम हनुमान जी की आराधना कर सकते है जैसे हनुमान चालीसा, Bajrang Baan और सुंदरकांड इत्यादि|

Balaji Mehandipur का यह प्रसीद मंदिर राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है यहाँ प्रेतराज और भैरवनाथ दंडाधिकारी के रूप में बुरी से बुरी आत्मा ,चुडेल ,भूत आदि को दण्ड देकर भयंकर शरीरिक व मानशिक कष्ट से जूझ रहे व्यक्ति को उसके इस पीड़ा से मुक्त कराते है| जो व्यक्ति रोज़ श्री हनुमान चालीसा का जप करता है उस पर भगवान हनुमान जो कि कृपा बनी रहती है तथा कोई भी परेशानी या दुःख उस व्यक्ति के निकट नहीं आता है। आइये जानते है क्या है श्री हनुमान चालीसा का अर्थ ( Meaning Of Hanuman Chalisa) |

Mehandipur Balaji Story

सम्पूर्ण भारत और देश विदेश के लोगो का यहाँ ताँता लगा रहता है. बालाजी के मूर्ति को ध्यान से देखने पर उनके सीने पर एक छोटा सा छिद्र दिखाई देता है यह छिद्र बड़ा ही विचित्र हे क्योकि इसमें से लगातार एक जल की छोटी सी धारा लगातार बहती रहती है जो बालाजी के चरणो के तले में एकत्रित होती रहती है.

mehandipur balaji story

इस जल की धारा को भक्त चरणामृत के रूप में ग्रहण करते है और प्रशाद के रूप मे अपने घरो को भी ले जाते है. mehandipur balaji को घाटे बालाजी के नाम से भी जाना जाता है .यहाँ पर भूत प्रेत आदि से सताए व्यक्तियों को तीन भगवानो को अलग-अलग प्रसाद चढ़ाने होते है ,बालाजी भगवान को लडुओ का सेवन ,प्रेतराज को चावल तथा भैरवनाथ को उड़द का प्रसाद चढ़ाया जाता है | इनमे से दो लड्डू रोगी को दिया जाता है तथा बाकी प्रसाद पशु-पछियों में डाल दिया जाता है| जानिए कैसे हनुमान चालीसा ( Hanuman Chalisa Chopai) कि इन 5 चमत्कारिक चौपाईयों से ख़त्म हो जायेंगे सारे दुःख और होगी हर मनोकामनाएं पूरी !

Mehandipur Balaji temple history in hindi

मंदिर का इतिहास 1000 वर्ष पूर्व का है। मेहंदीपुर में जब घाना जंगल हुआ करता था| जहा जंगली जानवर शेर, चीते, चोर डाकू आदि का भेह बना रहता था। उस समय की बात है मेहन्दीजी महाराज मंदिर के सबसे पहले पंडित बने गोसाई जी, वह एक रात अपने घर में सो रहे थे तभी सपने में उन्हें अद्भुत नज़ारा दिखाई दिया उन्होंने देखा सपनावस्था में वह उठ कर अनजान जगह पर चले गए जहा पर सामने से एक विशालकाय फ़ौज हाथी घोड़ो से सुसज्जित आ रही है जिसमे हज़ारो दीपो, मशालों आदि जलती हुई लेकर सारी सेना एक जगह आकर रुक गयी है जहा पर 3 देव विराजमान है श्री बाला जी महाराज, श्री प्रेतराज सरकार और श्री कोतवाल भैरव जी।

उस फ़ौज में से सेना के प्रमुख ने निकलकर तीनो देवो के आगे नतमस्तक होकर उन्हें प्रणाम किया और पहर सारी सेना ने अपना सीस झुकाया। प्रणाम करने के बाद सारी सेना जिस रास्ते से आयी थी उसी रास्ते से वापिस लौटकर चली गयी। मेहँदी जी महाराज चुप चाप खड़े खड़े यह दृश्य देख रहे थे मन में उन्हें भेह भी लग रहा था पर यह सब देख कर वे जल्दी से अपने घर को वापिस लौट कर आये। सोने का बहुत प्रयास किया पर उन्हें मंद नहीं आ रही थी उनकी आँखों के सामने वह दृश्य बार बार आ रहा था कानो में वही सारी आवाज़े गूंज रही थी लेकिन जैसे ही उन्ही नींद आयी तो उनके कानो में एक आवाज़ सुनाई पड़ी जैसे की कोई उनसे कुछ कह रहा हो।

जैसे ही उन्होंने आँख खोली सवयं भगवान हनुमान जी महाराज उनके सामने प्रकट हुए और उन्होंने कहा – हे मेरे भक्त में तेरी सेवा से प्रसन्न हूँ अब मेरी पूजा अर्चना का भाग तुझे ही निर्वहन करना है। तब मेहँदी जी महाराज ने उनसे एक वर मांग लिया उन्होंने कहा हे प्रभु जी मुझे यह वरदान दीजिये की आने वाले मेरे वंशित भी आपकी पूजा का सौभाग्य प्राप्त करे। भगवान हनुमान जी महाराज ने उन्हें यह वरदान दे दिया और वह अंतर्ध्यान हो गए।

मेहँदी जी अगले दिन सुबह उठ कर उसी जगह गए तब उन्होंने देखा की हनुमान जी महाराज का वह विग्रह वह विराजमान था। यह सब देख कर उनकी आँखों के सामने वही सब दृश्य दोहराने लगे कानो में सारी आवाज़े गूंजने लगी। तभी उन्होंने गांव के कुछ सज्जनो को इकट्ठा किया और अपने सपने के बारे में बताया। तब सभी लोगो ने मिलजुल कर एक जगह वह चुन ली और बाबा के भोग की व्यवस्था वह करवाई गयी। तभी से यहाँ पर बाबा जी की पूजा पथ की जाने लगा।

Mehandipur Balaji Images

कुछ दिन बाद जब यह खबर वह के राजा को मालूम हुई तब राजा खुद आये तथा उसने देखा और बाबा के विग्रह को देखा और उससे कलाकृति समझा और कहा की यह सब झूठ है। और उसने वह खुदाई करवानी प्रारम्भ कर दी और खुदाई करवाते करवाते एक लम्बा अरसा बीत गया। और राजा को बाबा के विग्रह की थां न मिल पायी। और तब उसने घुटने तक दिए और उसने बाबा के सामने यह प्रार्थना की कि मुझे अपना बालक समझ कर माफ़ करे। फिर राजा ने वह बाबा के मंदिर का अच्छी तरह निर्माण करवाया। इस तरह बाबा कि पूजा अर्चना मेहंदीपुर Mehandipur balaji temple स्थान पर कि जाने लगी। तभी से बाबा के द्वारा अपने भक्तों का कल्याण किआ जाने लगा और बाबा अपने भक्तों पर सदैव कृपा करते है। जो सच्चे मन से बाबा कि पूजा करता है उनका धयान करता है बाबा उनकी सभी मुश्किलों का नाश करते है और उस पर अपनी कृपा बनाये रखते है।

Mehandipur Balaji Ghost 

Mehandipur balaji temple बालाजी ,प्रेतराज और कोतवाल (भैरव ) यहाँ लगभग एक हजार वर्ष पूर्व प्रकट हुए थे | कहा जाता है की किसी शासक ने बालाजी महराज की मूर्ति की खुदाई करने का प्रयत्न किया. सेकड़ो हाथ खोद डालने के बाद भी वह मूर्ति के चरणो के अंत तक नही पहुंच सका तब उसने हारकर खुदाई रोक दी. इस मूर्ति को किसी शिल्पकार ने गढ़कर नही बनाया है वास्तविकता में यह पर्वत का ही एक रूप है.

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Mehandipur Balaji ghost ( भूत )प्रेत से पीड़ित गंभीर व्यक्तियों को जंजीर से बांधकर लाया जाता है जो चीला-चिलाकर उनके अंदर बैठी हुई बुरी आत्माओ के बारे में बताते है . इस मंदिर को भूत प्रेत से मुक्ति का सबसे कारगार मंदिर माना गया है जहाँ बगैर दवा व तंत्र मन्त्र के पीड़ित व्यक्ति स्वस्थ होकर जाता है. शनिवार और मंगलवार को यहाँ आने वाले भक्तो की तादात और भी अधिक हो जाती है.

mehandipur balaji Aarti Timings 

श्री बाला जी दरबार
ग्रीष्म कालीन: सुबह 6:15 से 6:45
ग्रीष्म कालीन: शाम 7:15 से 7:45

श्री बाला जी दरबार
शीत कालीन: सुबह 6:25 से 6:55
शीत कालीन: शाम 6:35 से 7:05

mehandipur balaji Hotels

Mehandipur balaji temple दर्शन के लिए रोज़ हज़ारो श्रद्धालु आते है। कई श्रद्धालु राजस्थान से दूर जैसे – दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश आदि जैसे शहरो से आते है। जिन्हे वह रुकने के लिए होटल्स कि आवश्यकता पड़ती है तो मेहंदीपुर बालाजी में के आस पास बहुत से होटल्स है जहा वह सभी श्रद्धालु रुक कर आराम व अपना सामान रख सकते है। जैसे – Ganpati Hotel and Restaurant, Shubahm Yatri Nivas, shri om palace.

Mehandipur Balaji Nearest Railway Station

(RGS)RINGAS JN                           –       15.35 Kms
(SMPR)SHRI MADHOPUR             –       22.3 Kms
(JOB)ASALPUR JOBNER                –       49.43 Kms
(DNK)DHANAKYA                         –       51.15 Kms
(HDA)HIRNODA                            –       51.74 Kms
(NAC)NAWA CITY                         –       54.04 Kms
(SBR)SAMBHAR LAKE                    –      54.09 Kms

Delhi To Mehandipur Balaji Train Distance

दिल्ली से मेहंदीपुर बालाजी रेल से 274 kms दूर है। यह ट्रैन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से मेहंदीपुर बाला जी तक जाती है। जो कि यह रेल 5 घंटे 28 मिनट में आपको Mehandipur balaji temple पहुंचा देगी।

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