in

कैसे किया भगवान विष्णु ने मछली रूप में नए सृष्टि के निर्माण में सहयोग !

lord vishnu matsya avatar story

matsya avatar story in hindi, matsya avatar in hindi, lord vishnu matsya avatar story

lord vishnu matsya avatar story :

हिन्दू पुराणो के अनुसार चार युग बताये गए है सतयुग ,द्वापरयुग, त्रेतायुग और कलयुग और हर युग को ब्रह्मा का एक दिन माना गया है, हर एक युग के बाद ब्रह्मा जी सो जाते है | जिस दीन ब्रह्मा जी सो जाते है उस दिन संसार का सर्जन रुक जाता है और जब भी संसार विपदा में पड़ता है तब भगवान विष्णु संसार को इस विपदा से उबारते है |

इसी के सम्बन्ध में अग्नि पुराण से एक कथा मिलती है की जब सतयुग खत्म होने की कगार पर था और एक युग ख़त्म होने के पश्चात जब ब्रह्मा जी सो रहे थे तब ब्रह्मा जी के नाक से एक हयग्रीव नामक दानव उत्पन हुआ जिसने ब्रह्मा के सोते समय उनके वेदो को चुरा लिया और समुद्र में जा के छुप गया | जब भगवान विष्णु को इस बात का पता चला तो वे चिंतन में खो गए क्योकि रक्षक होने के नाते वेदो का ज्ञान अगले युग तक पहुँचाना विष्णु का दायित्व था | तभी भगवान विष्णु ने राजा मनु को तपस्या में लीन देखा तथा उन्हें अहसास हुआ की यह व्यक्ति वेदो को बचा सकता है |

lord vishnu matsya avatar story :

एक दिन मनु सुबह नदी के निकट प्राथना कर रहे थे जब उन्हों विष्णु का नाम लेते हुए दोनों हाथो में जल लिया तब उन्होंने पाया की जल के साथ उनके हाथो में एक छोटी सी मछली भी आ गई | उस मछली ने राजा से कहा की है राजन मुझे इस जल में पुनः मत डालो अन्यथा बड़ी मछलिया मुझे खा जाएँगी | तब राजा ने उस मछली को संरक्षण देने के लिए अपने कमंडल में डाला पर मछली देखते ही देखते बड़ी हो गई और जब राजा ने उसे सरोवर में डाला वह मछली और बड़ी हो गई | तब राजा मनु के समझ में आई की यह कोई साधारण मछली नही है तथा उस मछली से उसके वास्तविक आकार में आने की प्राथना करी |

तब भगवान विष्णु अपने वास्तविक आकार में आके राजा मनु से बोले ये दुनिया सात दिन में प्रलय से खतम होनी वाली है तब मेरी प्रेरणा से एक विशाल नाव तुम्हारे पास आएगी और तुम सप्त ऋषियों, औषधियों, बीजों व प्राणियों के सूक्ष्म शरीर को लेकर उसमें बैठ जाना | जब तुम्हारी नाव डगमगाने लगेगी, तब मैं मत्स्य के रूप में तुम्हारे पास आऊंगा| इस के बाद भगवान विष्णु विशाल मछली के रूप में दानव हयग्रीव के पास गए और उसका अंत कर वेदो को ब्रह्मा जी को सोप दिया| तब वह उसी मछली के रूप में राजा मनु की नाव को सहारा देने गए और अपनी यात्रा के दौरान सारे वेदो के ज्ञान उन्हें दिए| मछली ने नौका को हिमवन पर्वत पर छोड़ा जिस के बाद सवार प्राणियों ने नए युग का प्रारम्भ किया |

अब आप बिना Internet अपने फ़ोन पर पंचांग, राशिफल, आरती, चालीसा, व्रत कथा, वेद और पुराणो की कथाएं, हिन्दू धर्म की रीति-रिवाज और प्रमुख एवं अजीबो गरीब मंदिरो की जानकारी प्राप्त कर सकते है ! Click here to download

importance of shattila ekadashi

जानिए क्या है षटतिला एकादशी का महत्व !

achaleshwar, achaleshwar mahadev, Achaleshwar Mahadev Temple, hindu temple, lord shiva, lord shiva temple, mahadev, mahadev temple, mount abu, mount abu tourism, places to visit in mount abu, temple

अचलेश्वर महादेव मंदिर, माउन्ट आबू – ऐसा अनोखा मंदिर जहाँ शिव के अंगूठे को पूजा जाता है !