माता चंडी मंदिर, महासमुंद – यहाँ भालुओं का झुण्ड आता है माता के दर्शन करने !

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Mata Chandi Mahasamund:

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में माता चंडी(Mata Chandi) का मंदिर अद्भुत कोतहूल का विषय बना हुआ है क्योंकी इस मंदिर में श्रधालुओ के साथ भालुओं का एक झुण्ड भी माता की आरती में आता है जो वहाँ मंदिर में मौजूद लोगो को बगैर कुछ नुकसान पहुचाये माता चामुण्डा के आगे शीश झुका कर चले जाते है और हर शाम ये भालू मंदिर की आरती में सम्लित होते हैं.

लोगो के अनुसार भालुओं का मंदिर में आना लगभग पिछले कुछ वर्षो से चला आ रहा है जिनमे भालू के चार शावक (बच्चे) सम्मिलित है. यहाँ माता के अधिकतर मंदिर ग्रामीण क्षेत्रो से दूर उँची पहाड़ियों के घने जंगलो में स्थित है उनमे से ही माता चमुंडा(Mata Chandi) का यह अनोखा मंदिर भी है. शाम 7 बजे से जब मंदिर के पुजारी और यहाँ रहने वाले लोग मंदिर में आकर माता की आरती की तैयारी करते है तब पहाड़ियों से कुछ भालुओं का एक झुण्ड भी आकर इस आरती में सम्लित होता है, ये भालू का झुण्ड बड़ी आस्था और भक्ति के साथ अपने दोनों हाथ जोड़े माता की आरती को सुनते है यही नही आरती के बाद यह भालू का झुण्ड माँ चामुण्डा(Mata Chandi) के मंदिर की नौ परिक्रमा भी करते है.

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इसके बात यह अन्य भक्तो की ही भाती माँ चामुण्डा (Mata Chandi) के मंदिर का प्रशाद ग्रहण करते है तथा वहाँ स्थित लोगो को क्षति पहुचाये बिना वे वापस पहाड़ी को लोट जाते है. यदि कोई वयक्ति माता के दर्शन को आये इन भक्तो को परेशान करता है या उन्हें प्रशाद खाने से रोकता है तभी ये भालू अपने गुस्से का इजहार करते है | गाँव के लोग भालुओं का इस तरह मंदिर(Mata Chandi) में आना व उनके दर्शन करना भालुओं की भक्ति तथा माँ की कृपा मान रहे है. वही वहाँ के वन विभाग का कहना है की भालुओं को जंगल में पर्याप्त खाना नही मिल पा रहा इसलिए वह मंदिर (Mata Chandi) में आ रहे है, वजह जो भी हो पर माँ चमुंडा का यह मंदिर उनके इन नए भक्तो के कारण दिन-प्रतिदिन प्रसिद्ध होता जा रहा है.

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