एक ऐसा पात्र जिसने रामायण में की राम की सहायता और महाभारत में लड़ा श्रीकृष्ण से युद्ध !

jamwant ki katha in hindi, jamwant in ramayana mahabharata, जामवंत किसके पुत्र थे, jamwant ki gufa, jamwant history in hindi, jamwant ramayan, ramayana character jamwant, history of jamwant in ramayana, jambavantha history, jambavan and hanuman, jamwant in mahabharat, jamwant cave, jamwant krishna fight, jambavan and krishna

jamwant ki katha in hindi, jamwant in ramayana mahabharata, जामवंत किसके पुत्र थे, jamwant ki gufa, jamwant history in hindi, jamwant ramayan, ramayana character jamwant, history of jamwant in ramayana, jambavantha history, jambavan and hanuman, jamwant in mahabharat, jamwant cave, jamwant krishna fight, jambavan and krishna, jambavan in ramayana mahabharata
Panditbooking वेबसाइट पर आने के लिए हम आपका आभार प्रकट करते है. हमारा उद्देस्य जन जन तक तकनीकी के माध्यम से हिन्दू धर्म का प्रचार व् प्रसार करना है तथा नयी पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक ग्रंथो के माध्यम से अवगत करना है . Panditbooking से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक से हमारी मोबाइल ऐप डाउनलोड करे जो दैनिक जीवन के लिए बहुत उपयोगी है. इसमें आप बिना इंटरनेट के आरती, चालीसा, मंत्र, पंचांग और वेद- पुराण की कथाएं पढ़ सकते है.

इस लिंक से Android App डाउनलोड करे - Download Now

jamwant ki katha in hindi, jamwant in ramayana mahabharata, जामवंत किसके पुत्र थे, jamwant ki gufa, jamwant history in hindi, jamwant ramayan, ramayana character jamwant, history of jamwant in ramayana, jambavantha history, jambavan and hanuman, jamwant in mahabharat, jamwant cave, jamwant krishna fight, jambavan and krishna

महाबली जामवंत का शुमार उन गिने चुने पौराणिक पात्रों में होता है जो त्रेता युग के रामायण काल में भी उपस्थित थे परन्तु उनकी उपस्थिति महाभारत काल में भी पाई गई | ये तो सभी जानते है की वे भगवान विष्णु के अवतार श्री राम के सहायक थे परन्तु महाभारत काल में उन्होंने भगवान विष्णु के कृष्ण अवतार से युद्ध लड़ा, शायद ही इस प्रसंग के बारे में लोगो ने सुना हो |

ये भी पढ़े... अगर आप धन की कमी से परेशान है या फिर आर्थिक संकट से झूझ रहे है या धन आपके हाथ में नहीं रुकता तो एक बार श्री महालक्ष्मी यन्त्र जरूर आजमाएं !

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार सत्राजित ने भगवान सूर्य की उपासना करी,भगवान सूर्य ने प्रस्सन होकर उन्हें स्यमन्तक नाम की मणि दी | एक दिन जब कृष्ण साथियों के साथ चौसर खेल रहे थे तो सत्राजित स्यमन्तक मणि मस्तक पर धारण किए उनसे भेंट करने पहुंचे | उस मणि को देखकर कृष्ण ने सत्राजित से कहा की तुम्हारे पास जो यह अलौकिक मणि है, इसलिए तुम इस मणि को हमारे राजा उग्रसेन को दे दो | यह बात सुन सत्राजित बिना कुछ बोले ही वहाँ से उठ कर चले गए | सत्राजित ने स्यमन्तक मणि को अपने घर के मन्दिर में स्थापित कर दिया, वह मणि रोजाना आठ भार सोना देती थी तथा जिस स्थान में वह मणि होती थी वहाँ के सारे कष्ट स्वयं ही दूर हो जाते थे |

2 Pings & Trackbacks

  1. Pingback:

  2. Pingback: