कैसे उत्पन्न हुआ रुद्राक्ष और क्या है इसका महत्व !

importance of rudraksha :

एक बार अत्यंत बलशाली दैत्य त्रिपुर ,पृथ्वी में उत्पन हुआ, उसे हराना देवताओ के लिए असम्भव था | दैत्य त्रिपुर ने स्वर्ग में आक्रमण कर दिया और देवता वहाँ से अपनी जान बचाकर कैलाश पहुंचे | वहाँ पहुँचते ही देवता शिव से प्राथना करने लगे की वे उन्हें दैत्य त्रिपुरा के अत्याचारों से मुक्ति दिलाये |

भगवान शिव के पास ” अघोर” नामक अश्त्र था | वह अस्त्र बहुत ही विशाल और तेजयुक्त था तथा उसे देवो की आकृति मानी जाती थी | तब भगवान शिव ने त्रिपुर के वध करने से उदेश्य से अपनी दोनों नेत्र बंद किये और उस अघोर अश्त्र का स्मरण किया| अधिक देर तक नेत्र बंद करने के कारण उनकी आँखों से आँशु की कुछ बूंद जमीन में गिरी | उन आँशु की बूंदो से रुद्राक्ष के वृक्ष उत्पन हुए |भगवान शिव ने इन वृक्षों में फल से निकली गुठली को रुद्राक्ष कहा |

importance of rudraksha :

रुद्राक्ष 38 प्रकार के होते है | रुद्राक्ष दो शब्दों के मेल से बना है रूद्र और अक्ष ,रूद्र का अर्थ शिव तथा अक्ष का अर्थ है आत्मा | हमारे भारत में मुख्यतः तीन रंग के रुद्राक्ष पाये जाते है ये रंग लाल ,मिश्रित लाल और काले होते है ,जिनमे धारिया पाई जाती है | ये धारिया ही रुद्राक्ष के मुख माने जाते है | रुद्राक्ष एक मुखी से लेकर इक्कीस मुखी तक होते है | परन्तु वर्तमान में केवल चौदह मुखी रुद्राक्ष तक ही पाये जाते है | एक मुखी रुद्राक्ष को शिव का ही स्वरूप बताया गया है | रुद्राक्ष के एक पेड में ही कई मुख के रुद्राक्ष पाए जाते है | रुद्राक्ष को धर्म ,काम ,मोक्ष और अर्थ इत्यादि प्रकार में कामो में प्रयोग किया जाता है |

ऐसी मान्यता है की जिस घर मे रुद्राक्ष की पूजा होती है ,वहाँ सदेव लक्ष्मी निवास करती है | उस घर मे अन्न ,धन और सुख सम्पदा बनी रहती है | जो व्यक्ति रुद्राक्ष को सदेव अपने शरीर में धारण किये रहता है ,उस वयक्ति को मृत्यु के पश्चात शिवलोक की प्राप्ति होती है | ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रुद्राक्ष को धारण करने से प्राणघातक बीमारी से भी बचा जा सकता है | रुद्राक्ष धारण करने से प्रतिकूल ग्रह को भी अनुकूल किया जा सकता है तथा इसके प्रभाव से शनि देव की साढ़े साती से भी बचा जा सकता है | रुद्राक्ष को कमर में धारण करने से कमर का दर्द कभी नही होता | यदि आप कालसर्प में कारण मुसीबतो का सामना कर रहे हो ,रुद्राक्ष के द्वारा इस दोष से मुक्ति पाई जा सकती है | वैज्ञानिको में भी ये प्रमाणित किया है की रुद्राक्ष शरीर मे रक्तचाप संतुलित करता है तथा ब्लड प्रेशर समबन्धित रोग में भी यह सहायक होता है |

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