कैसे उत्पन्न हुआ रुद्राक्ष और क्या है इसका महत्व !

importance of rudraksha

importance of rudraksha

importance of rudraksha :

एक बार अत्यंत बलशाली दैत्य त्रिपुर ,पृथ्वी में उत्पन हुआ, उसे हराना देवताओ के लिए असम्भव था | दैत्य त्रिपुर ने स्वर्ग में आक्रमण कर दिया और देवता वहाँ से अपनी जान बचाकर कैलाश पहुंचे | वहाँ पहुँचते ही देवता शिव से प्राथना करने लगे की वे उन्हें दैत्य त्रिपुरा के अत्याचारों से मुक्ति दिलाये |

भगवान शिव के पास ” अघोर” नामक अश्त्र था | वह अस्त्र बहुत ही विशाल और तेजयुक्त था तथा उसे देवो की आकृति मानी जाती थी | तब भगवान शिव ने त्रिपुर के वध करने से उदेश्य से अपनी दोनों नेत्र बंद किये और उस अघोर अश्त्र का स्मरण किया| अधिक देर तक नेत्र बंद करने के कारण उनकी आँखों से आँशु की कुछ बूंद जमीन में गिरी | उन आँशु की बूंदो से रुद्राक्ष के वृक्ष उत्पन हुए |भगवान शिव ने इन वृक्षों में फल से निकली गुठली को रुद्राक्ष कहा |