कैसे हुआ 4 साल में 102 कौरवो का जन्म ?

how 100 kauravas were born

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गांधारी की सेवा और पतिव्रता संकल्प से प्रसन्न होकर ऋषि व्यास ने उन्हें 100 पुत्रों की माता होने का आशीर्वाद दिया | उन्हीं के आशीर्वाद से गांधारी दो वर्षों तक गर्भवती रहीं लेकिन उन्हें मृत मांस का लोथड़ा पैदा हुआ | तब ऋषि व्यास ने उसे 100 पुत्रों के लिए 100 टुकड़ों में काटकर घी के घड़े में एक वर्ष तक बंद रखने का आदेश दिया | गांधारी द्वारा एक पुत्री की इच्छा व्यक्त करने पर ऋषि व्यास ने मांस के उस लोथड़े को खुद 101 टुकड़ों में काटा और घड़े में डालकर बंद किया जिससे बाद दुर्योधन समेत गांधारी के 100 पुत्र और एक पुत्री दु:शला पैदा हुई |

कहते है की धृतराष्ट्र का किसी दासी के साथ भी सम्बन्ध था, जब दुर्योधन के जन्म के समय पहला घड़ा फूटा तो उसी समय उस दासी ने भी एक पुत्र को जन्म दिया जिसका नाम युतुत्सु था .इस प्रकार कौरव 100 नही 102 थे |

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