इस चमत्कारी मंदिर में होती है पूरी हर किसी की मनोकामना गारन्टी के साथ !

उत्तराखण्ड राज्य प्राकृतिक खूबसूरती के बिच बसा हुआ है, ऐसी मान्यता है की प्रकृति के गोद में बसा यह राज्य देवी देवताओ का निवास स्थान है. यहां भगवानो से सम्बन्धित अनेक चमत्कारों की घटना घटित हुई है.

आज हम आपको ऐसे ही एक चमत्कारी मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जहां से कोई भक्त कभी भी खाली हाथ वापस नहीं लोटा है. कुमाऊ में अल्मोड़ा से कुछ आगे चितई गोलू देवता का एक भव्य मंदिर है तथा यहां मनोकामना पूर्ति के लिए अनगिनत रजिया भक्तो द्वारा दायर की जाती है.

इसके साथ ही यहां घन्टियॉ चढा कर गोलू देवता से न्याय की गुजारिश भी करि जाती है.

इस मंदिर में गोलू देवता के साथ ही देवी माता की भी पूजा करि जाती है. न्याय के देवता कहे जाने वाले गोलू देव का यह मंदिर अल्मोड़ा से लगभग तीस किलोमीटर दूर मुख्य सड़क पर है.

पहले जब यहां भक्तो की मनोकामना पूरी होती थी तो भक्तो द्वारा भगवान को बकरी की बलि चढ़ावे के रूप में देना का प्रावधान था परन्तु अब फरियाद पूरी होने पर नारियल एवम चुनरी का चढावा चढाया जाता है.

जब कोई व्यक्ति गोलू देवता के समक्ष अपनी मनोकामना लेकर आता है तो वह उनकी और देवी माता की पूजा कर मंदिर का बाहर एक घंटी में अपनी मनोकामना लिख वहां टांग जाता है. ऐसा माना जाता है की जो कोई भी व्यक्ति वहाँ घंटी में अपनी मनोकामना लिख छोड़ गया है उसकी मनोकामना पूरी हुई है.

जो व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सताये होते है तथा जिन्हें न्याय चाहिए होता है उन्हें भी गोलू देवता अवश्य न्याय दिलाते है. यहाँ टंगे हज़ारों खत इसका सबूत हैं. इंसाफ मिल जाने पर भक्त अपनी हैसियत के अनुसार और बड़ा घंटा चढ़ाते हैं. यहाँ अनगिनत घंटे दिखाई देते हैं और घंटों की गूंज दूर दूर तक सुनाई देती है.