महापंडित रावण के जन्म से जुड़ा अनोखा रहस्य !

ramayana story

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लंकापति रावण (mahapandit ravan) एक ऐसा तपस्वी था या कहे वह योगी था जिसके पराक्रम से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड कांपता था. परन्तु क्या आप यह जानते है की आखिर रावण (ravana) के जन्म के पीछे क्या रहस्य छुपा हुआ था वह किस कुल में जन्मा था ?

इस तथ्य से बहुत ही काम लोग परिचित है. रावण के पिता विश्वेश्रवा महान ज्ञानी ऋषि पुलस्तय के पुत्र थे. विश्वेश्रवा के विषय में भी यह कहा जाता है की वह अपने पिता के समान ही ज्ञानी योगी थे.

यह बात उस समय की है जब एक बार देवासुर के भयंकर संग्राम में पराजित होने के बाद सुमाली माल्य्वान जैसे बलशाली राक्षस भगवान विष्णु के क्रोध से बचने के लिए रसातल में जा छुपे. अनेको वर्ष बीत गए परन्तु राक्षसों को देवताओ को पराजित करने का कोई मार्ग नहीं सूझ रहा था.

एक दिन सुमाली अपनी पुत्री कैकसी के साथ देवताओ से छुपता हुआ रसातल से बाहर आया, तभी उसने ऋषि विश्वेश्रवा के पुत्र कुबेर देव को अपने पिता के पास जाते देखा. कुबेर को देखते ही सुमाली भय से काँपने लगा तथा वह शीघ्र अपनी पुत्री के साथ रसातल की ओर वापस लोट गया.