क्या आप जानते है महादेव शिव से जुडी हैरान करने वाली इन गुप्त बातो को !

आदि का अर्थ आरम्भ से लिया गया है. भगवान शिव आदिनाथ कहलाते है. आदिनाथ के साथ ही भगवान शिव का नाम आदिश भी है. आदिश का शाब्दिक अर्थ आदेश भी है. नाथ साधू जब एक दूसरे से मिलते है तो कहते है है ”आदेश”.

महादेव शिव के साथ ब्र्ह्मा और विष्णु ने मिलकर धरती में जीवन को स्थापित किया तथा पालन पोषण एवं संहार का कार्य किया. सभी ने मिलकर धरती का निर्माण किया तथा इसके बाद यहाँ देव, दानव, राक्षस, यक्ष, मनुष्य, जानवर आदि का विस्तार किया.

देवो के देव महादेव :- भगवान शिव एवं दानवो के मध्य प्रतिस्प्रथा चलती रहती थी. भगवान शिव ने अनेको बार देवताओ पर देत्यो एवं राक्षसों का संकट आने पर उनकी मदद करी है. कई बार भगवान शिव को न केवल देत्यो परन्तु देवताओ से भी प्रतिस्प्रथा करनी पड़ी परन्तु सभी भगवान शिव के आगे झुके. यही कारण है की भगवान शिव को देवो के देव महादेव के नाम से भी जाना जाता है.
वे दैत्यों, दानवो और भूतो के भी प्रिय देव है.

भगवान शिव ने विनाश किया था विशाल मानवों का :-

सन 2007 में नेशनल जियोग्राफी की टीम ने 20 से 22 फुट के कंकाल धुंध निकाले जो विशालकाय मानव के सबूत थे. कुछ लोग इस कंकाल को घटोत्कच से संबंधित मानते है कुछ लोगो का कहना है की यह दैत्यों में एक दैत्य बकासुर का कंकाल है.

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