जाने आखिर स्त्रियों के वे कौन से 8 अवगुण है जो महापंडित रावण ने मंदोदरी को बताए थे !

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Ravana :-

लंकापति रावण ( ravana ) रामायण का एक विशेष पात्र है, तथा वह महादेव शिव के प्रमुख भक्तो में से भी एक कहलाता है . हिन्दू धर्म ग्रंथो और शास्त्रों में बताया गया है की रावण ( ravana ) में अनेको बुराइयाँ होने के साथ ही साथ उसमे कुछ अच्छाइयाँ भी थी. रावण ( ravana ) महाज्ञानी एवं विद्वान था तथा वह अनेक शास्त्रों ग्रंथो एवं विद्या का ज्ञाता था. अगर रावण की बुराई की बात करें तो उसकी अन्य सभी बुराइयों में से के प्रमुख बुराई यह थी की वह स्त्रियों की ओर अति शीघ्र आकर्षित हो जाता था, उसके स्त्रियों की सुंदरता बहुत जल्द मोहित कर लेती थी.

रावण ( ravana ) किसी भी स्त्री की सुंदरता देख फिर उसे हर हाल में अपना बनना चाहता था. इसे कमजोरी कहे या फिर बुराई परन्तु इसी के कारण रावण ( ravana )ने माता सीता की सुंदरता से आकर्षित होकर उनका हरण किया. जब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम वानरों की सेना के साथ विशाल समुद्र पार कर लंका पहुंचे तो यह सुचना सुन रावण की पत्नी मंदोदरी भयभीत हो गयी.

मंदोदरी ने रावण ( ravana ) के पास जाकर उसे समझाया की वह माता सीता को प्रभु श्री राम को वापस सोप दे तथा उनसे क्षमायाचना मांग ले परन्तु मंदोदरी की बात सुनकर रावण ( ravana ) जोर-जोर से हसने लगा और स्त्रियों के आठ अवगुणो का वर्णन करते हुए बोला..

नारि सुभाऊ सत्य सब कहहीं. अवगुन आठ सदा उर रहहीं.
साहस अनृत चपलता माया. भय अबिबेक असौच अदाया.

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