हनुमान चालीसा की इन 5 चमत्कारिक चौपाईयों से ख़त्म हो जायेंगे सारे दुःख और होगी हर मनोकामनाएं पूरी !

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हमारे हिन्दू धर्म ग्रंथो में बताया गया है की उपदेश, चौपाइयों तथा मंत्रो में इतना सामर्थ्य होता है की यह मनुष्य के हर प्रकार के दुखो का निवारण कर देती है. जब कभी भी हम किसी समस्या में फस जाते है तो हम अपनी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए धर्मिक उपाय भी अवश्य करते है . यह एक प्रकार से चमत्कार ही है की शास्त्रों में हमारी हर प्रकार की समस्याओं का समाधान है .

यदि हम शास्त्रों में दिए गये उपायों का प्रयोग विधि-विधान तथा निर्देशों के अनुसार करें तो इसमें कोई संदेह नहीं की वे उपाय शीघ्र सिद्ध होंगे. आज हम आपको ऐसे ही प्रभावशाली एवं सिद्ध हनुमान चालीसा के उन 5 चौपाइयों के बारे में बताने जा रहे है जिनके दवारा आप अपने एवं अपने परिवार का जीवन सुखमय बना सकते है.

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चलीसा महादेव शिव के रूद्र अवतार एवं पवन पुत्र ”हनुमान जी” को समर्पित है. तथा हर कोई हनुमान चालीसा के चौपाइयों की शक्ति से परिचित है इन चौपाइयों में इतनी शक्ति है की जो हमारे सारे दुखो को हरने का सामर्थ्य रखती है. परतु क्या आप जानते है हनुमान चलीसा के इस चमत्कार का रहस्य ?

यदि नहीं तो चालिए आज हम आपको इस रहस्य के बारे में बताते है जो एक पौराणिक कथा में छिपी है. यदि आप हनुमान जी के बाल जीवन से परिचित है तो सायद आप यह रहस्य जानते है . जब हनुमान जी छोटे बालक थे तो एक बार वे भूख से व्याकुल हो गए. उन्हें इतनी भूख लगी थी की आसमान में चमकते लाल रंग के सूर्य को वे फल समझ बैठे. उस समय हनुमान जी के पास इतनी शक्ति थी की वे उड़कर सूर्य देवता के पास पहुंच गए और उन्होंने सूर्य देवता को अपने मुंह के अंदर डाल लिया. सूर्य देव को हनुमान जी के मुंह में देख देवराज इंद्र ने हनुमान जी पर अपने व्रज से प्रहार किया.

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इंद्राज का व्रज लगते ही हनुमान जी मूर्छित हो गए. हनुमान जी के मूर्छित होने के बाद जब यह बात हनुमान जी को पता चली तो वे क्रोधित हो गए. तथा उन्होंने अपने आपको स्थिर कर एक पर्वत में छुपा लिया. पवन देव के ऐसा करने पर पूरी सृष्टि थम गई तथा सभी देवता परेशान होकर उन्हें ढूढ़ने लगे. पवन देव को ढूढ़ते हुए देवताओ ने उन्हें प्रसन्न करने के लिए अनेको शक्तियां हनुमान जी को आशीर्वाद के रूप में प्रदान करी. कहते है की देवतागणों ने जिन मंत्रो एवं हनुमान जी की विशेषता बताते हुए उन्हें शक्ति प्रदान की थी उन सभी मंत्रो का सार गोस्वामी तुलसीदास ने हनुमान चलीसा की चौपाइयों में वर्णित किया है. इसलिए हनुमान चालीसा को चमत्कारिक माना गया है.

परन्तु सवाल यह उठाता है की हनुमान चालीसा में तो कोई मन्त्र है है नहीं फिर बगैर मंत्रो के हनुमान चालीसा चमत्कारिक चमत्कारिक प्रभाव देने में सक्षम कैसे है. वास्तविकता में हनुमान चलीसा में मंत्रो का वर्णन न होकर हनुमान जी की विशेषताओं के बारे में बताया गया है और कहा जाता है की इन्ही का जाप करने से व्यक्ति को सुख की प्राप्ति होती है.

आइये जानते है हनुमान जी की उन पांच चौपाइयों के बारे में जिनका यदि प्रातः रोज नियमित रूप से वाचन किया जाए तो यह परमफलदायी सिद्ध होते है.

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