प्रसिद्ध ग्रन्थ गरुड़ पुराण में बताए गए है 36 नर्क, जाने क्या है इन नर्कों में सजा का प्रावधान !

Garuda Purana :-

हम अपने बड़े-बुजर्गो से अक्सर यह सुनते आये है की अच्छा कार्य करो पूण्य मिलेगा, ( garuda purana  ) स्वर्ग में जाओगे या बुरा मत करो अन्यथा नर्क में जाओगे. हिन्दू धर्म के अनेक प्रसिद्ध ग्रंथो की कथाओ में देवी-देवताओ के साथ-साथ स्वर्ग और नर्क का उल्लेख आता है. बड़े-बड़े ज्ञानी एवं महात्मा व्यक्ति स्वर्ग की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या करते है.

पुराणों में बताया गया है की जो व्यक्ति सत्य बोलता है तथा सदैव धर्म के रास्ते में चलता है अंत में मृत्यु के समय उसकी आत्मा को स्वर्ग का सुख प्राप्त होता है, अधर्म, हिंसा करने तथा असत्य बोलने वाले व्यक्ति को उसके मृत्यु के पश्चात नर्क की कठोर यातनाओं का सामना करना पड़ता है. उसे यमदूतों द्वारा गर्म तेल की कढ़ाई में तला जाता है, जलते अंगारो में लिटाया जाता है तथा उसे भूखे-प्यासे रखा जाता है.

हिन्दू धर्म के पौराणिक ग्रन्थ गरुड़ पुराण ( garuda purana  ) में 36 प्रकार के नर्कों का वर्णन मिलता है, व्यक्ति के कर्मो के अनुसार इन अलग-अलग नर्कों में उन्हें असहनीय सजाए दी जाती है. अग्नि पुराण, कठोपनिषद जैसे पौराणिक गर्न्थो में भी इन नर्कों का प्रमाण मिलता है. आइये जाने कौन से ये 36 नर्क और किस प्रकार की सजा यहाँ दी जाती है.

1.महाविचि :- महाविचि नाम का नर्क रक्त यानि खून से भरा पड़ा है, तथा इसमें व्रज के समान कांटे है.जिसमे आत्मा इन काँटों में बिंधकर कष्ट पाता है. कहा जाता है की इस नर्क में गायों की ह्त्या करने वाले व्यक्तियों की आत्मा सजा पाती है.

2 . कुम्भी पाक :- इस नर्क की जमीन गर्म रेत और अंगारे से बनी हुए है. इस नर्क में वे आत्माएं सजा पाती है जिन्होंने अपने मनुष्य रूप में किसी की जमीन हड़पी थी या ब्राह्मणो की ह्त्या करने वाला भी इस नर्क में सजा पाता है.

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