जाने महादेव शिव के ऐसे चिन्ह, जिन्हे स्वपन में देखने से होती है असीम लाभ की प्राप्ति !

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यदि किसी मनुष्य के भीतर सकरात्मक ऊर्जा के साथ-साथ सकरात्मक विचार भरे हुए है तो ऐसे व्यक्ति को नींद में आध्यात्मिक स्वपन आते है. इस प्रकार के मनुष्य को यदि स्वपन में भगवान शिव शंकर या उनसे जुड़े जैसे त्रिशूल, डमरू या शिवलिंग आदि संकेत नजर आये तो इसे बहुत शुभ व् लाभकारी माना जाता है. इस प्रकार के व्यक्ति का भाग्य बहुत शीघ्र ही बदलने वाला होता है और उस पर भगवान शिव की विशेष कृपा होती है. आइये जानते है की क्या है भगवान शिव व उनसे जुडी वस्तुओं को स्वपन में देखने से होने वाले लाभ –

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शिवलिंग :-

भगवान शिव के शिवलिंग को स्वपन में देखने का संकेत है ”विजय”, अपने जिंदगी के सभी परेशानियों व कष्टों से मुक्ति पाना तथा धन-सम्पति आदि से परिपूर्ण होना. शिवलिंग का अर्थ है पूर्णता का अर्थात यदि आपको भी भगवान शिव के शिवलिंग के दर्शन स्वपन में हो रहे हो तो आप भी खुद में पूर्णता का अनुभव करेंगे. महादेव शिव का प्रतीक शिवलिंग केवल जीवन की शक्ति को ही नहीं दर्शाता ये हमे सम्पूर्णता का भाव कराता है . यह सम्पूर्ण सृष्टि बिंदु नाद-स्वरूप है, बिंदु शक्ति और शिव नाद यही सबका आधार है. बिंदु एवं नाद अर्थात शिव एवं शक्ति संयुक्त रूप शिवलिंग अवस्थित है.

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शिव पार्वती को एक साथ देखना :-

भगवान शिव और देवी पार्वती दोनों को एक साथ स्वपन में देखने का अभिप्राय है जल्द ही कोई नया मौका या अवसर आपके दरवाजे में दस्तक देने वाला है. यह सम्भव हो सकता है की बहुत शीघ्र ही आप खुश खबरी सुने जैसे व्यवसाय में लाभ होना, सम्पत्ति में बढ़ोतरी होना, आदि . ये बहुत ही शुभ संदेश माना जाता है और यदि आपको ऐसे स्वपन आ रहे है तो शीघ्र ही आपको बहुत ही अच्छी खबर प्राप्त होने वाली है.

शिव तांडव :-

भगवान शिव का नृत्य करता हुआ स्वरूप जिसमे बहुत ही अधिक आक्रोश और आवेश हो उसे शिव तांडव कहते है . यदि आपको आपके स्वपन में महादेव शिव तांडव नृत्य करते दिखाई दे रहे है तो इसका अर्थ है की आपके समस्याओं का हल जल्द से जल्द निकलने वाला है या आप जल्द ही अपने सभी समस्याओं और विपदाओं से मुक्ति पा जायेंगे. इसका एक और संकेत भी है की जल्द ही आपको धन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, थोड़े से संघर्ष के साथ आप उस धन को अपना बना सकते है.

शिवालय या शिव मंदिर :-

यदि आपको स्वपन में शिवालय या शिव मंदिर के दर्शन होते है तो इसका अर्थ है की आपको दो पुत्रों की प्राप्ति हो सकती है. तथा इसका एक और संकेत भी है यदि आप बहुत लम्बे समय से किसी बीमारी से ग्रसित है तो शीघ्र ही आप ऐसे बिमारी से छुटकारा पाने वाले है. बहुत से लोगो को अर्ध सर के दर्द की बीमारी होती है और ऐसे में इस तरह का स्वपन आ जाये तो वह अमृत के समान होता है. स्वपन में भगवान शिव का मंदिर देखना धन का भी प्रतीक माना जाता है.

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शिव का त्रिशूल :-

भगवान शिव का त्रिशूल दर्शाता है की महादेव शिव जागृत, स्वपन तथा निद्रा इन तीनो से कहि ऊपर है अर्थात भगवान शिव का इन तीनो में ही नियंत्रण है. भगवान शिव के त्रिशूल के तीनो नोक भूत, भविष्य और वर्तमान की ओर भी संकेत करते है अर्थात यदि आप स्वपन में भगवान शिव के त्रिशूल को देखते है तो इस का मतलब है की आप की पुरानी व वर्तमान में चल रही सभी समस्याओं का निवारण और इससे आपको मुक्ति प्राप्त होने वाली है तथा भविष्य में भी भगवान शिव के कृपा से आपको कोई भी विपत्ति नहीं आने वाली.

शिव के अर्ध चन्द्र को देखना :-

महादेव शिव के मष्तक में सुशोभित अर्ध चन्द्र ज्ञान का प्रतीक है. यदि स्वप्न में आप भगवान शिव को उनके अर्ध चक्र के साथ देख रहे हो या आपको सिर्फ अर्ध चन्द्र सपनो में दिखाई दे रहा हो तो हो सकता की आप जल्द ही अपने जिंदगी का कोई महत्वपूर्ण फैसला लेने वाले है. इसका एक संबंध आपके शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा भी हो सकता है.

महादेव शिव का तीसरा नेत्र :-
भगवान शिव का तीसरा नेत्र चौकस एवं जागरूकता के होने का प्रतीक है तो अगर आप ऐसा कुछ अपने स्वपन में देख रहे है तो हो सकता है की आपको अपने जिंदगी में थोड़ा सा चौकस होने की जरूरत है क्योंकि जल्द ही कोई सुनहरा अवसर आपके पास आने वाला है. इसका एक और संकेत है की आपको जल्द ही अपने जिंदगी में कुछ जरूरी बदलाव करने पड सकते है.

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शिव का डमरू :-

शिव का डमरू बर्ह्माण्ड का प्रतीक है जो निरंतर बढ़ता और ढहता रहता है ये ध्वनि को भी दर्शाता है. तो यदि सपने में आपको महादेव शिव के डमरू के दर्शन हो रहे है तो आपके जीवन में बहुत ही सकरात्मक शक्ति का प्रवेश होने वाला है जो आपको आपके प्रोफेशनल लाइफ में बहुत ही मदद करने वाला है व अहम भूमिका निभाने वाला है.

गंगाधर स्वरूप अथवा भगवान शिव के जटाओं से गंगा माता को बहते देखना :-

आपका मस्तिक ज्ञान और हृदय प्रेम का प्रतीक है, गंगा का मतलब ज्ञान जो आपकी अंतरात्मा को पवित्र करती है, तो यदि स्वपन में आपको महादेव शिव की जटाओं से गंगा बहती हुई दिखाई दे तो इसका अभिप्राय है की आप प्रेम, ज्ञान और समृद्धि से समृद्ध होने वाले हो.

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