कब हुआ था सोमनाथ मंदिर का निर्माण और क्या है इसका इतिहास !

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Somnath Temple:

भगवान शिव का सोमनाथ मंदिर ( Somnath Temple ) गुजरात के वेरावल बंदरगाह में स्थित है. सोमनाथ मंदिर(Somnath Temple)हिन्दुओ का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है तथा इसे भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है. सोमनाथ मंदिर  ( Somnath Temple ) का निर्माण स्वयं चन्द्रदेव सोमराज ने किया था तथा इस मंदिर का उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है. इस मंदिर का इतिहास ( Somnath Temple History ) काफी पुराना माना जाता है, मंदिर को 17 बार नष्ट किया गया और हर बार इसका जीर्णोदार हुआ . धर्मिक गर्न्थो के अनुसार यही पर भगवान श्री कृष्ण अपने देह त्यागी थी इसलिए इस जगह का महत्व और भी अधिक हो जाता है.

Somnath Temple History:

महोमद गजनवी ने सन् 1026 में इस मंदिर पर आक्रमण कर इस मंदिर की पूरी सम्पति लूट ली और इसे नष्ट ( Somnath Temple Attack ) कर दिया. इसके बाद गुजरात के राजा भीम तथा मालवा के राजा भोज ने इस मंदिर का पुनः निर्माण करवाया. परन्तु सन् 1300 में दिल्ली के सल्तनत अलाउद्दीन ने अपने सेना द्वारा इस मंदिर को पुनः नष्ट किया तथा इसके बाद भी मंदिर कई बार नष्ट हुआ और कई बार इसका पुनः निर्माण हुआ. ऐसा माना जाता है की आगरा के ताजमहल में रखे देवदार सोमनाथ मंदिर के है, महमूद गजनवी सन् 1026 में मंदिर लूटने के साथ ही इन्हे अपने साथ ले गया था. सोमनाथ मंदिर(Somnath Temple)  के मूल स्थल पर मंदिर के ट्रस्ट द्वार नवीनतम मंदिर का निर्माण किया गया था.

राज कुमार पाल द्वारा इसी स्थान पर अंतिम मदिर(Somnath Temple) बनवाया गया था. सौराष्ट्र के मुख्य्मंत्री उच्छ्गंराय नवल शंकर ने इस मंदिर का उत्खनन सन् 1940 में कराया. इसके बाद पुरातत्व विभाग ने इस मंदिर के उत्खनन से प्राप्त ब्रह्मशीला में भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग ( Jyotirling ) स्थापित करा. इस समय जो मंदिर खड़ा है उसका निर्माण भारत सरकार के गृह मंत्री सरदार बल्ल्भ भाई पटेल ने करवाया था जो सन् 1995 को भारत सरकार के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था.

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मंदिर ( Somnath Temple ) के दक्षिण में समुद्र के किनारे पर एक स्तम्भ स्थापित है जिसके ऊपर एक तीर रख कर संकेत किया गया है की सोमनाथ मंदिर और दक्षिण धुर्व के बीच पृथ्वी का कोई भू-भाग स्थित नहीं है. मदिर के पृष्ठ भाग में स्थित प्राचीन मंदिर के विषय में यह मान्यता है की यह पार्वती जी का मंदिर है. यह तीर्थ स्थान पितृगणों के श्राद्ध, नारयण बली आदि के लिए बहुत प्रसिद्ध है. सोमनाथ मंदिर  ( Somnath Temple ) में खासकर चैत्र, भाद्र, कार्तिक इन तीनो महीनों में बहुत अधिक मात्र में भीड़ लगी रहती है.

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