जाने लंकाधिपति रावण के वे अनोखे सात सपने, जिन्हे वह अपने जीवन काल में पूर्ण करने में असमर्थ रहा !

seven dreams of ravan

seven dreams of ravan :

सभी वेदो का ज्ञाता होने के साथ-साथ रावण को अनेको विद्याओं में महारथ हासिल थी वह बहुत ही कुशल राजनीतिज्ञ और सेनापति होने के आलावा वास्तुकला के मर्म को भी समझता था. इंद्रजाल, सम्मोहन तथा तरह-तरह के जादू आने के कारण उसे मायावी भी कहा जाता था. वह युद्ध-कौशल में निपुर्ण था तथा भगवान शिव का परम भक्त होने के कारण उसे उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त था. रावण ने अनेको देवताओ को भी अपने कैद में कर रखा था, उसके पास एक ऐसा विमान था जो अन्य किसी के पास न था. धन, सम्पदा से परिपूर्ण होते हुए भी रावण के सात ऐसी इच्छाएं थी जो वो हमेशा से ही पूरा करना चाहता था परन्तु फिर भी अपने जीते जी वह अपनी इन इच्छाओं को पूर्ण न कर सका और उसके ये इच्छाएँ अधूरी रह गई. आइये जानते है की क्या थी रावण की वे सात अनोखी इच्छाएँ.

1 . स्वर्ग तक सीढ़ियां बनना :- स्वर्ग तक सीढ़ियों का निर्माण कर रावण प्रकृति के नियम को तोड़, भगवान की सत्ता को चुनती देना चाहता था. वह सोचता था की स्वर्ग और मोक्ष की कामना के लिए ही धरती के लोग भगवान को पूजते है अतः वह स्वर्ग तक सीढ़ियों का निर्माण करना चाहता था ताकि लोग भगवान की पूजा छोड़ उसे पूजे.

2 . शराब की दुर्गन्ध को दूर करना :- रावण के सात अधूरे सपनो में से एक सपना था शराब में से उसकी बदबू मिटाना. ऐसा वह इसलिए करना चाहता था की लोग शराब का सेवन कर अधर्म बढ़ा सके.

3 . सोने में सुगंध डालना :- रावण चाहता था की सोने में खशबू होनी चाहिए. रावण दुनिया के सभी सोने में अपना कब्जा जमाना चाहता था इसलिए वह सोने में खुशबू डालना चाहता था ताकि सोने को खोजने में कोई परेशानी न हो.

4 . मानव के रक्त को लाल से श्वेत करना :- रावण चाहता था की मनुष्य के रक्त का रंग लाल से श्वेत हो जाये. जब रावण अपने विश्वविजयी अभियान पर था तब उसने करोड़ो के खून बहाये. जिससे पुरे सरोवर और नदिया खून के रंग से लाल हो गई. पूरी पृथ्वी का संतुलन बिगड़ने लगा तथा देवता इस सब का दोष रावण को देने लगे. तो रावण ने विचार किया की अगर रक्त का रंग लाल के स्थान पर श्वेत हो जाये तो किसी को पता ही नहीं चलेगा की उसने किसी का वध करा है क्योकि श्वेत रक्त पानी के साथ मिलकर उसी के जैसा हो जायेगा.

5 . काले रंग को गोरा करना :- रावण के शरीर का रंग काला था अतः वह अपने शरीर के रंग के साथ ही मानव प्रजाति में उन सभी का रंग गोरा करना चाहता था जिनके शरीर का रंग काला था ताकि कोई भी महिला उनका अपमान न कर सके.

6 .संसार में हरी पूजा को निर्मूल करना :- रावण चाहता था की इस पूरी दुनिया से भगवान की पूजा की परम्परा ही समाप्त हो जाये तथा हर कोई सिर्फ उसे ही पूजे. इसके लिए उसने अनेक प्रयास भी किये परन्तु वह अपने इस प्रयास में सफल नहीं हुआ.

7 . समुद्र के पानी को मीठा बनना :- रावण का उसके सबसे अधिक सात प्रिय सपनो में से एक सपना था समुद्र के पानी को मीठा बनाना. वह विश्व के सातो समुद्रो के पानी को मीठा बनाना चाहता था परन्तु उसका यह सपना भी अधूरा रह गया.

कैसे प्राप्त हुई रांवण को सोने की लंका ?

महापंडित रावण ने मरने से पूर्व लक्ष्मण को बताई थी तीन राज की बात जो बनी थी उसके पतन का कारण !

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