यदि घर पर हो शिवलिंग तो न करें ये कार्य, अन्यथा उठाना पड सकता है नुक्सान !

Shivling :-

यदि आपने महादेव शिव के प्रतीक शिवलिंग ( shivling  ) को घर में स्थापित किया है तो आपको भी कुछ बातो का विशेष ध्यान रखना होगा क्योकि यदि भगवान शिव भोले है तो उनका क्रोध भी बहुत भयंकर होता है इसी कारण उन्हें त्रिदेवो में संहारकर्ता की उपाधि प्राप्त हुई है.
शिवलिंग ( shivling  ) की पूजा यदि सही नियम और विधि-विधान से करी जाए तो यह अत्यन्त फलदायी होती है, परन्तु वहीं यदि शिवलिंग ( shivling  )  पूजा में कोई त्रुटि हो जाए तो ये गलती किसी मनुष्य के लिए विनाशकारी भी सिद्ध हो सकती है.
आज हम आपको उन त्रुटियों के बारे में बताने जा रहे है जिनको अपना के आप भगवान शिव के प्रकोप से बचकर उनकी विशेष कृपा और आशीर्वाद अपने ऊपर पा सकते है.

1 . ऐसा स्थान जहाँ पूजा न हो रही हो :-
शिविलंग ( shivling  ) को कभी भी ऐसे स्थान पर स्थापित नहीं करना चाहिए जहाँ आप उसे पूज ने रहे हो. हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि आप शिवलिंग ( shivling  ) की पूजा पूरी विधि-विधान से न कर पा रहे हो या ऐसा करने में असमर्थ हो तो भूल से भी शिवलिंग ( shivling  ) को घर पर न रखे. क्योकि यदि कोई व्यक्ति घर पर भगवान शिव का शिवलिंग ( shivling  )  स्थापित कर उसकी विधि विधान से पूजा नहीं करता तो यह महादेव शिव का अपमान होता है, तथा इस प्रकार वह व्यक्ति किसी अनर्थकारी चीज़ को आमंत्रित करता है.

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2 . भूल से भी न करें केतकी का फूल शिवलिंग ( shivling  ) पर अर्पित :-
पुराणों में केतकी के फूल को शिव पर न चढ़ाने के पीछे एक कथा छिपी है इस कथा के अनुसार जब एक बार ब्रह्मा जी और विष्णु जी माया से प्रभावित होकर अपने आपको एक -दूसरे से सर्वश्रेष्ठ बताने लगे तब महादेव उनके सामने एक तेज प्रकाश के साथ ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए. ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान शिव ने ब्र्ह्मा और विष्णु से कहा की आप दोनों में जो भी मेरे इस रूप के छोर को पहले पा जायेगा वह सर्वशक्तिमान होगा. भगवान विष्णु शिव के ज्योतिर्लिंग के ऊपरी छोर की ओर गए तथा ब्र्ह्मा जी नीचे के छोर की ओर गए. कुछ दूर चलते चलते भी जब दोनों थक गए तो भगवान विष्णु ने शिव के सामने अपनी पराजय स्वीकार ली है परन्तु ब्र्ह्मा जी ने अपने पराजय को छुपाने के लिए एक योजना बनाई. उन्होंने केतकी के पुष्पों को साक्षी बनाकर शिव से कहा की उन्होंने शिव का अंतिम छोर पा लिया है . ब्र्ह्मा जी के इस झूठ के कारण शिव ने क्रोध में आकर उनके एक सर को काट दिया तथा केतकी के पुष्प पर भी पूजा अरचना में प्रतिबंध लगा दिया.

3 . तुलसी पर प्रतिबंध :-
शिव पुराण की एक कथा के अनुसार जालंधर नामक एक दैत्य को यह वरदान था की उसे युद्ध में तब तक कोई नहीं हरा सकता जब तक उसकी पत्नी वृंदा पतिव्रता रहेगी, उस दैत्य के अत्याचारों से इस सृष्टि को मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वृंदा का पतिव्रता होने का संकल्प भंग किया तथा महादेव ने जलंधर का वध. इसके बाद वृंदा तुलसी में परिवर्तित हो चुकी थी तथा उसने अपने पत्तियों का महादेव की पूजा में प्रयोग होने पर प्रतिबंध लगा दिया. यही कारण की है की शिवलिंग ( shivling  ) की पूजा पर कभी तुलसी के पत्तियों का प्रयोग नहीं किया जाता.

4 . हल्दी पर रोक :-
हल्दी का प्रयोग स्त्रियाँ अपनी सुंदरता निखारने के लिए करती है तथा शिवलिंग ( shivling  ) महादेव शिव का प्रतीक है अतः हल्दी का प्रयोग शिवलिंग ( shivling  ) की पूजा करते समय नहीं करनी चाहिए.

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5 .कुमकुम का उपयोग :-
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार कुमकुम का प्रयोग एक हिन्दू महिला अपने पति के लम्बी आयु के लिए करती है जबकि भगवान शिव विध्वंसक की भूमिका निभाते है था संहारकर्ता शिव की पूजा में कभी भी कुमकुम का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

6 . शिवलिंग का स्थान बदलते समय :-
शिवलिंग ( shivling  ) का स्थान बदलते समय उसके चरणों को सपर्श करें तथा एक बर्तन में गंगाजल का पानी भरकर उसमे शिवलिंग   ( shivling  ) को रखे. और यदि शिवलिंग ( shivling  ) पत्थर का बना हुआ हो तोउसका गंगाजल से अभिषेक करें.

7 . शिवलिंग पर कभी पैकेट का दूध ना चढ़ाए :-
शिवलिंग ( shivling  ) की पूजा करते समय हमेशा ध्यान रहे की उन पर पासच्युराईज्ड दूध ना चढ़े, शिव को चढ़ने वाला दूध ठंडा और साफ़ होना चाहिए.

8 . शिवलिंग किस धातु का हो :-
शिवलिंग ( shivling  ) को पूजा घर में स्थापित करने से पूर्व यह ध्यान रखे की शिवलिंग ( shivling  ) में धातु का बना एक नाग लिपटा हुआ हो . शिवलिंग ( shivling  ) सोने, चांदी या ताम्बे से निर्मित होना चाहिए.

9 . शिवलिंग को रखे जलधारा के नीचे :-
यदि आपने शिवलिंग को घर पर रखा है तो ध्यान रहे की शिवलिंग के नीचे सदैव जलधारा बरकरार रहे अन्यथा वह नकरात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है.

10 . कौनसी मूर्ति हो शिवलिंग के समीप :-
शिवलिंग ( shivling  ) के समीप सदैव गोरी तथा गणेश की मूर्ति होनी चाहिए. शिवलिंग ( shivling  ) कभी भी अकेले नहीं होना चाहिए .

क्या आपको को पता है महादेव शिव के प्रतीक शिवलिंग के संबंध में ये अनोखी एवं अद्भुत बाते और इसका प्रकार !