जब महावीर हनुमान बने बंधक राम भक्त के हाथो एक लीला को सम्पन्न करने के लिए, जाने हनुमान जी की एक रोचक कथा !

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hanuman story :- 

एक बार श्री राम ने अयोध्या में अश्व्मेध यज्ञ करवाया तथा इस यज्ञ में हनुमान ( hanuman ) भी सम्लित थे, इस यज्ञ को सम्पन्न करने के लिए उन्होंने इस यज्ञ का एक घोडा झोड़ा जो अलग-अलग राज्यों में घूमता हुआ कुंडलपुर पहुंचा. वहां अत्यन्त धर्मात्मा राजा सुरथ का राज्य था . वह हनुमान ( hanuman ) जी की तरह ही भगवान राम के परम भक्त थे तथा उनके इस भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं धर्मराज ने उन्हें वरदान दिया था की उनकी मृत्यु तब तक नहीं होगी जब तक उन्हें श्री राम के दर्शन नहीं होंगे इस कारण राजा सदैव मृत्यु से निर्भय रहते थे.

जब उन्हें पता लगा की श्री राम के द्वारा किये जा रहे अश्व्मेध यज्ञ का घोड़ा घूमते -घूमते उनके राज्य में आ गया है तो उन्होंने स्वयं अपने कुछ सेनिको के साथ जाकर वह घोड़ा अपने कब्जे में कर लिया. उस घोड़े के पीछे-पीछे शत्रुघ्न भी सेना के साथ उसकी रक्षा करने के लिए आये जब उन्होंने देखा की राम भक्त राजा सुरथ ने यज्ञ का घोड़ा पकड़ा है तो उन्होंने स्वयं ना जाकर अपने दूत को उन्हें समझाने के लिए भेजा. परतु तब भी राजा ने घोड़े को नहीं झोड़ा तो शत्रुघ्न को विवश होकर राजा सुरथ से युद्ध करना पड़ा. राजा सुरथ ने पल भर में ही शत्रुघ्न के सभी सेना को परास्त कर दिया और शत्रुघ्न को भी मूर्छित कर दिया.

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