बजरंग बलि की रोचक कथा, जाने श्री कृष्ण संग रची लीला से कैसे तोडा सुदर्शन चक्र, पक्षी राज गरुड़ और स्तयभामा का अभिमान !

एक बार भगवान श्री कृष्ण के साथ हमेशा रहने वाले उनके अस्त्र सुदर्शन चक्र, वाहन पक्षी राज गरुड़ और पत्नी सत्यभामा को अभिमान हो गया. सुदर्शन चक्र को अभिमान था अपने सर्व शक्तिमान होने का , पक्षीराज गरुड़ को अपने तेज गति का अभिमान था तथा सत्यभामा को अपने सर्वश्रेष्ठ सुंदरी होने का अभिमान था.

ये अभिमान अकारण ही नहीं थे इनका कुछ मुख्य कारण था. भगवान श्री कृष्ण अपनी पत्नी सत्यभामा के लिए स्वर्ग से परिजात लेकर आये थे और यह माना जाता है की जिस किसी भी स्त्री के पास यह परिजात होता है वह परम सुंदरी होने के साथ अपने पति की भी प्रिय होती है.

सुदर्शन चक्र ने एक बार युद्ध में देवराज इंद्र के शक्तिशाली व्रज को परास्त कर दिया इसलिए उस दिन से सुदर्शन चक्र को यह अभिमान हो गया की जब वह इंद्र के व्रज को परास्त कर सकता है तो वह किसी को भी परास्त कर सकता है.

गरुड़ को श्री कृष्ण के वाहन बनने का अधिकार मिला तो उसे लगा की जब भगवान मेरे बिना कहि आ जा नहीं सकते तो भला मेरे गति का कोई क्या मुकाबला करेगा, निश्चित ही मुझसे वेगवान इस विश्व में कोई नहीं.

इन तीन महान आत्माओं को अभिमान करते देख श्रीकृष्ण सोच में पड़ गए. यदि उनके सर्वथा निकट रहने वाले व्यक्ति अभिमानी हो जाएँगे तो भला इस सृष्टि का क्या होगा? अतः उन्होंने सबके अभिमान का अंत करने के लिये हनुमान जी की सहायता ली.

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