नवरात्र के छठे दिन माँ भगवती के षष्ठम रूप देवी कात्यानी की ऐसे करे पूजा !

Maa Katyayani Puja Vidhi :

माँ दुर्गा की आराधना के लिए साल में 2 बार नवरात्री मनाई जाता है एक चैत्र और अश्विन माह में। नवरात्र के 6 दिन माँ कात्यानी की पूजा, अर्चना पूरे विधि विधान से की जाती है। (Maa katyayani puja vidhi) नवरात्रि ( Navratri Festival ) के छठे दिन देवी दुर्गा ( Durga )के छठे रूप देवी कात्यायनी ( Katyayani Devi ) की पूजा होती है, माता अपने भक्तो पर बहुत जल्द ही प्रसन्न हो जाती है तथा उनके हर मुराद को पूरी करती है. देवी दुर्गा ( Devi Durga ) ने ऋषि कात्यायन के कठिन तपश्या से प्रसन्न होकर, वरदान स्वरूप उनके घर जन्म लिया तथा ऋषि कात्यायन के नाम पर ही उनके षष्ठम रूप का नाम कात्यायनी देवी पडा. नवरात्री के सातवें दिन जाने कैसे करे माँ भगवती के सातवें स्वरूप को प्रसन्न !

Maa katyayani puja vidhi

कात्यानी माता की सरल पूजा विधि

Maa Katyayani Puja Vidhi In Hindi :

नवरात्र ( Navratri Puja ) के छठे दिन साधक यदि देवी कात्यायनी की श्रद्धा भाव से पूजा करें तो माता उसके हर संकट हर लेती है तथा उसका घर-संसार खुसियो से भर जाता है. माँ कात्यानी की पूजा करने से सभी संकटो का नाश होता है और भक्तो के अंदर अदबुद्ध शक्ति का संचार होता है। माँ कात्यानी की पूजा करने से शत्रुओ पर विशेष रूप से विजय प्राप्त होती है। भगवान राम ने समुन्द्र के किनारे 9 दिन तक माँ दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की थी और इसके बाद लंका की तरफ प्रस्थान किया था।

माता कात्यायनी ( Maa Katyayani ) दुष्टों और पापियों का नाश करने वाली है. देवी कात्यायनी का पूरा शरीर सोने के समान चमकीला है तथा माता सिंह पर सवारी करती है. माता चार भुजा धारी है, (Maa katyayani puja vidhi) इनके दाए तरफ की ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा धारण किये हुए है तथा नीचे वाले हाथ में वरमुद्रा धारण है. माता के बाए तरफ उन्होंने अपने एक हाथ से कमल का पुष्प पकड़ा है व अपने दूसरे हाथ से उन्होंने तलवार पकड़ी है.

पूजा विधि ( Navratri Puja Vidhi In Hindi ) :-
माता कात्यायनी को प्रसन्न करने के लिए निम्न मन्त्र का जाप करना चाहिए

चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना.
कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि.

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Maa Katyayani Mantra

दुर्गा पूजा ( Durga Puja ) के छठे दिन प्रातः जल्दी उठ स्नान कर देवी कातियानी का ध्यान करना चाहिए इसके पश्चात पहले दिन की ही तरह कलश और उसमे उपस्थित सभी देवी देवताओ की पूजा करनी चाहिए. कलश पूजा के बाद देवी कात्यानी की पूजा करनी चाहिए तथा उन्हें शहद का भोग लगाना चाहिए. हाथो में पुष्प लेकर माता के ऊपर दिए गए मंत्रो ( Navratri Puja Mantra ) का जाप करते हुए उन पर पुष्प अर्पित करने चाहिए.

नवरात्रो में घर में पूजा करने का विशेष धयान होता है। कहा जाता है की माँ नवरात्रो के 9 दिन कैलाश छोड़ कर धरती पर अपने भक्तों के साथ रहती है। माँ की मूर्ति के ऊपर उनके पसंदीदा पीले फूलो की माला पहननी चाहिए। हल्दी, सिन्दूर, लाल फूल, बेल पत्र और पीले चावल चढ़ाए। माँ के सामने पीली मिठाई, फल और घर का बना प्रसाद साथ रखे और माता को शहद युक्त पान चढ़ाए क्योंकि पान चढ़ाने से माता अति प्रसन्न होती है। माँ के सामने देवी स्तुति और दुर्गा कवच पढ़े। बाद में पान के पते पर कपूर डालकर माँ की आरती करे। माँ के भोग लगाए हुए प्रसाद को घर के सभी सदस्यों में बाँट दे।

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Maa Katyayani Images

मार्कण्डेय पुराण ( Puran ) में देवी कात्यायनी के संबंध में एक कथा है जिसके अनुसार एक बार स्वर्गलोक में महिषासुर ( Mahishasura Mardini ) नामक राक्षस ने अपना अधिकार जमा लिया और देवताओ पर अत्याचार करने लगा. देवताओ के कार्य को सिद्ध करने के लिए मह्रिषी कात्यायन ने देवी दुर्गा की तपस्या करी जिससे प्रसन्न होकर देवी दुर्गा ( Durga ) ने मह्रिषी के पुत्री के रूप में जन्म लिया. (Maa katyayani puja vidhi) क्योकि मह्रिषी कात्यायन ने चतुर्भुज रूपी देवी का सर्वप्रथम अपने घर में पूजन किया इसलिए देवी का नाम मह्रिषी के नाम पर कात्यायनी देवी पड़ा. देवी कात्यायनी का महिषासुर के साथ भयंकर युद्ध हुआ जिसमे महिषासुर देवी के हाथो मारा गया और देवताओ को उसके अत्याचारों से मुक्ति मिली.

Maa Katyayani Mantra For Love Marriage :

Maa katyayani puja vidhi

नवरात्री के पांचवे दिन इस तरह करें माँ दुर्गा के पांचवे रूप स्कन्द माता की पूजा !

माँ कात्यानी की पूजा अर्चना करने से विशेष रूप से कुमारिकाओं को वर की प्राप्ति होती है। भगवती रुक्मिणी ने भगवन विष्णु को वर रूप में पाने के लिए माँ कात्यानी के मंत्र का अनुष्ठान किया था। माता कात्यायनी के मंत्र के जाप करने से कुमारिकाओं को वर की प्राप्ति होती है। शनिवार के दिन अथवा 6 नवरात्रे के दिन माँ कात्यानी को सिंगार की सामग्री अर्पित करे। जिसमे विशेष रूप से मेहँदी और हरी चूड़ियां माँ को अर्पित करे। इसके बाद माँ कात्यानी के मंत्र का जप करे। अंत में माँ से प्रार्थना करे माँ उन्हें खुश होकर अच्छे वर का आशीर्वाद देती है।

Maa katyayani mantra In Hindi

ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीस्वरि ।
नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः ।।

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