जाने कैसे इन सरल ज्योतिष उपाय द्वारा पीपल के वृक्ष की पूजा कर आप पा सकते है असीम धन और अपने हर समस्याओं से मुक्ति !

peepal tree, peepal, peepal tree in english, peepal tree in hindi, uses of peepal tree, peepal tree puja, leaves of a pipal tree, pipal tree benefits, pipal tree oxygen, leaves of pipal tree, pipal tree puja
Panditbooking वेबसाइट पर आने के लिए हम आपका आभार प्रकट करते है. हमारा उद्देस्य जन जन तक तकनीकी के माध्यम से हिन्दू धर्म का प्रचार व् प्रसार करना है तथा नयी पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक ग्रंथो के माध्यम से अवगत करना है . Panditbooking से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक से हमारी मोबाइल ऐप डाउनलोड करे जो दैनिक जीवन के लिए बहुत उपयोगी है. इसमें आप बिना इंटरनेट के आरती, चालीसा, मंत्र, पंचांग और वेद- पुराण की कथाएं पढ़ सकते है.

इस लिंक से Android App डाउनलोड करे - Download Now

Peepal Tree :-

पीपल के वृक्ष ( peepal tree ) के में जो दिव्य देवीय गुण है , उसको हम ज्योतिष नक्षत्रों के योग से मिलाकर विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त कर सकते है. हिन्दू धर्म के शास्त्रों एवं ग्रंथो के अनुसार पीपल के वृक्ष को दिव्यता से परिपूर्ण माना गया है ज्योतिष शास्त्र में भी यह बताया गया है की पीपल के वृक्ष ( peepal tree ) में असीम दिव्य शक्तियां भरी हुई है.

ये भी पढ़े... अगर आप धन की कमी से परेशान है या फिर आर्थिक संकट से झूझ रहे है या धन आपके हाथ में नहीं रुकता तो एक बार श्री महालक्ष्मी यन्त्र जरूर आजमाएं !

पुराणों में बताई गयी एक कथा के अनुसार लक्ष्मी और उनकी छोटी बहन दरिद्रा भगवान विष्णु के पास गयी तथा उनसे प्राथना करने लगी की हे प्रभु ! हम कहा रहे ? तब भगवान विष्णु ने उन दोनों की इस समस्या को दूर करने के लिए पीपल के वृक्ष ( peepal tree ) को उतपन्न करते हुए लक्ष्मी और दरिद्रा से कहा की आज से तुम्हारा निवास स्थान यह पीपल का वृक्ष होगा. इस तरह वे दोनों पीपल के वृक्ष ( peepal tree ) में रहने लगे. भगवान विष्णु की तरफ से पीपल के वृक्ष को यह वरदान मिला की जो भी व्यक्ति पीपल के वृक्ष की पूजा करेगा, उसे शनि ग्रह के प्रभाव से मुक्ति मिलेगी तथा उस पर देवी लक्ष्मी की अपार कृपा होगी .

भारतीय ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार कुल 28 नक्षत्र होते है परन्तु प्रचलन में केवल 27 नक्षत्र है. इन्ही नक्षत्रों के आधार पर प्रत्येक मनुष्य का उसके जन्म के समय नामकरण होता है अर्थात इन्ही नक्षत्रों के पहले अक्षर के आधार पर मनुष्य का नाम रखा जता है तथा इन नक्षत्रों के अलग-अलग स्वामी ग्रह होते है.

आगे पढ़े…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *