इस मंदिर में शिवलिंग पर चमत्कारी रूप से खुद ही चढ़ जाते है फूल और बेलपत्र !

Lilotinath Temple Lakhimpur Kheri:

देश भर में भगवान शिव के अनेको मंदिर है परन्तु उन सभी में लिलौटीनाथ मंदिर(Lilotinath temple) ने अपने चमत्कारों के कारण अपना एक अलग स्थान स्थापित किया है. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित भगवान शिव के मंदिर में हर सुबह एक अनोखा चमत्कार होता है.

मंदिर(lilotinath temple)  में स्थित शिवलिंग न केवल अपना रंग परिवर्तित करता है बल्कि स्वतः ही शिवलिंग के ऊपर फूल और बेलपत्र चढ़ जाते है. इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से जोड़ा जाता है, मान्यता है इस मंदिर की स्थापना दोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा ने स्वयं की थी.

यहाँ के आसपास के लोग व मंदिर के पुजारी बताते है की मंदिर(lilotinath temple) में स्थित शिवलिंग का रंग दिन में पांच बार परिवर्तित होता है . शाम के वक्त जब पुजारी मंदिर में साफ सफाई करके मंदिर के कपाट बंद कर देते है तो सुबह मंदिर का कपाट खोलने पर शिवलिंग पूजित मिलता है तथा उस के ऊपर पुष्प व बेलपत्र चढ़े होते है.

पुजारी बताते है की यह मंदिर(lilotinath temple) महाभारत काल का है तथा जब पांडवो को वनवास मिला था उस समय अश्वत्थामा उन्हें ढूढ़ते हुए इस स्थान पर आया था व यहाँ शिवलिंग की स्थापना करी. लोगो का यह भी विश्वास है की स्वयं अश्वत्थामा इस मंदिर में सुबह शिवलिंग की पूजा करते है.

यह मंदिर(lilotinath temple) शहर से 10 किलोमीटर की दुरी पर उत्तर दिशा की ओर कंडवा और जुनई नदी किनारे स्थित है तथा अपनी पौराणिक महत्ता के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. प्रकृति की हरियाली से चारो तरफ से घिरा यह मंदिर शिवभक्तों को अपनी तरफ आकर्षित करता है.

सावन के सोमवार की छटा इस मंदिर(lilotinath temple) में देखने लायक होती है तथा उन दिनों लाखो भक्तो की भीड़ इस मंदिर में लगी रहती. भक्तो द्वारा लगाए गए महादेव शिव के जयजयकार और घंटियों की ध्वनियां पुरे मंदिर और इस मंदिर के आस पास के वातावरण को अत्यधिक भक्तिमय बना देती है.

लिलौटीनाथ मंदिर(lilotinath temple)  का शिवलिंग बहुत ही चमत्कारी है तथा इस शिवलिंग में भगवान शिव व माता पार्वती की आकृति भी दिखने को मिलती है. बाबा भोलेनाथ की महिमा अपरम्पार है और इस मंदिर में आकर शिवलिंग का दर्शन कर यह साक्षत सिद्ध भी हो जाता है. यहाँ भोले बाबा के दर्शन को आने वाले लोग का कहना जब भी वे भोले बाबा के दर से कुछ मन्नत मांग के गए है वे अवश्य पूरी हुए है.

जानिये भारत के सबसे दुर्गम धार्मिक स्थलों के बारे में !