पाकिस्तान में भगवान शिव का अद्भुत मंदिर, भगवान शिव के आसुओ से बना है मंदिर का कुण्ड !

Katasraj Temple:

भगवान शिव बहुत ही दयालु है तथा अति शीघ्र प्रसन्न हो जाते है. विश्वभर  में उनके अनेको मंदिर है जिनमे कुछ मंदिर का निर्माण हाल ही के वर्षो में हुआ है तथा कुछ अत्यंत प्राचीन है. इन्ही प्राचीन मंदिरो में से भगवान शिव का एक मंदिर पाकिस्तान  में भी है जो पाकिस्तान के चकवाल गाव से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर कटस नामक स्थान पर स्थित है. पाकिस्तान में स्थित इस मंदिर को कटासराज (Katasraj Temple) के नाम से जाना जाता है.  इस मंदिर में भगवान शिव का शिवलिंग स्थापित है तथा इस मंदिर के बारे में कहा जाता ही की यह महाभारत के समय त्रेतायुग  में भी था परन्तु कुछ लोगो का कहना है की यह मंदिर(Katasraj Temple) सिर्फ 900 साल पुराना है. इस मंदिर में स्वयंसंभु शिव का शिवलिंग स्थापित है तथा लोगो की मान्यता है जब पांडव वनवास  के समय यहाँ आये थे तो उन्होंने इस मंदिर और शिवलिंग का निर्माण किया था.

पांडवो ने वनवास के समय लगभग चार साल यहाँ बिताये थे तथा अपने रहने के लिए सात महलो का निर्माण करवाया था जो अब सात मंदिर के नाम से कटासराज में स्थित है. पाकिस्तान में स्थित यह कटासराज मंदिर(Katasraj Temple) वहा रह रहे केवल हिन्दू अल्पसंख्यको के श्रद्धा  का ही केंद्र नही है बल्कि मंदिर के साथ लगा बौद्ध स्तूप तथा सिख हवेलिया वहाँ बसे अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी श्रद्धा का केंद्र है.

मंदिर(Katasraj Temple) के निकट ही एक सुन्दर कुण्ड  भी है जिसका पानी दो रंग का है. जिस स्थान पर कुण्ड के पानी कम गहरा है उस स्थान पर कुण्ड के पानी का रंग हरा तथा अधिक गहरे स्थान वाली जगह पर पानी का रंग नीला है. मान्यता है मंदिर के इस कुण्ड का निर्माण भगवान शिव के आसु से हुआ था. जब भगवान शिव की पत्नी सती  हवन कुण्ड की अग्नि में कूद गयी तो उनके वियोग में भगवान शिव के आँखों से दो बून्द आसु गिरे थे. भगवान शिव के आंसू के एक बून्द से कटासराज(Katasraj Temple) के इस कुण्ड का निर्माण हुआ तथा दूसरा आंसू का बून्द पुष्कर में गिरा था. यह भी कहा जाता है की इसी  कुण्ड के तट पर महाभारत काल  में यक्ष ने युधिष्ठर से प्रश्न पूछे थे.

यह मंदिर(Katasraj Temple) 1947 से पाकिस्तान भारत बटवारे के बाद से  बंद पड़ा था,  हाल ही के कुछ वर्षो में पाकिस्तान सरकार ने इस मंदिर का जीर्णोद्वार कराया है तथा अब  दुनिया भर से श्रद्धालु इस मंदिर  के दर्शन के लिए यहाँ आ रहे है. हिन्दूओ का विश्वाश है की इस मंदिर के पवित्र कुण्ड में स्नान करने से व्यक्ति द्वारा किये गए समस्त पापो से मुक्ति मिलती है तथा वह मोक्ष को प्राप्त होता है. अतः मंदिर में भगवान शिव की पूजा के बाद सभी श्रद्धालु इस कुण्ड में स्नान करना नही भूलते !

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