आखिर क्यों भागे शिव सती का विकराल रूप देख – देवी पुराण रोचक कथा !

why shiva ran away seeing shati

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पौराणिक कथा के अनुसार एक बार सती के पिता दक्ष  ने यज्ञ का आयोजन कराया तो उस यज्ञ में उन्होने अपनी पुत्री सती और दामाद शिव को नही बुलाया .यज्ञ के बारे में जानकर देवी सती भगवान शिव  से बगैर बुलाये ही वह जाने की जिद करने लगी. भगवान शिव ने देवी सती को समझाते हुए कहा की ये यज्ञ के तुम्हार पिता ने मेरे अपमान के लिए आयोजित किया है अतः हमे ऐसे स्थान पर नही जाना चाहिए जहाँ हमारा अपमान हो. अपने पति शिव की बात सुन देवी सती बोली आप वहां जाएं या नहीं लेकिन मैं वहां अवश्य जाऊंगी.

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पिता के घर में महायज्ञ के महोत्सव का समाचार सुनकर कोई कन्या धैर्य रखकर अपने घर में कैसे रह सकती है. देवी सती के ऐसा कहने पर शिवजी ने कहा- मेरे रोकने पर भी तुम मेरी बात नहीं सुन रही हो. दुर्बुद्धि व्यक्ति स्वयं गलत कार्य कर दूसरे पर दोष लगाता है. अब मैंने जान लिया है कि तुम मेरे कहने में नहीं रह गई हो. अत: अपनी रूचि के अनुसार तुम कुछ भी करो, मेरी आज्ञा की प्रतीक्षा क्यों कर रही हो.

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