आखिर किस कारण परशुराम ने पृथ्वी को 21 बार क्षत्रिय विहीन रखा !

bhagwan parsuram

भगवान विष्णु के छठे अवतार का नाम है परशुराम जो त्रेतायुग में हुए तथा इन्हे आज भी जीवित माना जाता है. परशुराम के बारे में यह भी कहा जाता है के वह तब सब के सामने प्रकट होंगे जब इस धरती में कल्कि का अवतार होगा. परशुराम ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र थे तथा उन्होंने 21 बार क्षत्रियो के वंश का संहार किया था.

एक बार महिष्मति नगर के राजा सहस्त्रार्जुन ने दत्तात्रेय को प्रसन्न करने के लिए घोर तपश्या करी. दत्तात्रेय उसकी तपश्या से प्रसन्न हुए और उनसे वरदान मागने को कहा तो सहस्त्रार्जुन ने 10,000 हाथो का आशीर्वाद माँगा. सहस्त्रार्जुन का वास्तविक नाम अर्जुन था तथा 10,000 हाथो के कारण ही उसका नाम सहस्त्रार्जुन पड़ा. सहस्त्रार्जुन अपने 10,000 हाथो के कारण अत्यंत बलशाली हो गया था तथा उसे अपने इस बल पर अत्यधिक घमंड आ गया. वह निर्दोष प्राणियों की हत्या करने लगा व ब्राह्मणो का अपमान कर धार्मिक ग्रंथो को मिथ्या बताने लगा.