आखिर क्या था वह प्रश्न जिसका उत्तर एक विद्वान मह्रिषी और उसकी आठ पीढ़िया भी नही दे पायी, आदि पुराण की एक अनोखी कथा!

पौराणिक कथाएं (Pauranik Kathayen)

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Pauranik katha in hindi – पौराणिक कथाएं (Pauranik Kathayen)

पौराणिक कथा(pauranik katha) के अनुसार एक आश्रम में विद्वान ऋषि कक्षीवान  रहते थे वे प्रत्येक प्रकार के शास्त्र और वेद में निपुर्ण थे. एक बार वे उन्ही के समान शास्त्रात में निपुर्ण ऋषि प्रियमेध से मिलने गए तथा उनके आश्रम में पहुँचते ऋषि प्रियमेध द्वारा उनका खूब आदर सत्कार किया गया. ऋषि कक्षीवान जब भी ऋषि प्रियमेध से मिलते तो दोनों के बीच बहुत लम्बी शास्त्रात होती इसी तरह उस दिन भी ऋषि कक्षीवान ने प्रियमेध से एक पहेली पूछी की ऐसी कौन सी चीज है जिसे यदि जलाये तो उस से तनिक भी रौशनी न हो ?

 

प्रियमेध ने कफ़ि सोच विचार किया परन्तु वे इस पहेली के उत्तर दे पाने असमर्थ रहे, जिस किसी भी चीज के बारे में विचार करते उन्हें लगता की वह थोड़ी सी ही सही परन्तु रौशनी उत्तपन करता है. पहली के उत्तर ढूढ़ने के उधेड़बुन में उनकी जिंदगी बीत गयी. जब प्रियमेध ऋषि का अंत समय नजदीक आया तो उन्होंने कक्षीवान ऋषि को संदेश भेजा की मैं आपकी पहेली का उत्तर ढूंढ पाने में समर्थ नही हो पाया परन्तु मुझे पूरा विश्वाश है की भविष्य में मेरे वंश में ऐसा विद्वान जरूर जन्म लेगा जो आपके इस प्रश्न का उत्तर दे पायेगा. उनके मृत्यु के बाद उनके पुत्र ने  इस प्रश्न के उत्तर का जिम्मा लिया परन्तु वह इस प्रश्न का उत्तर ढूढ़ पाने में असमर्थ रहा और एक दिन उसकी भी मृत्यु हो गयी. इस के बाद कक्षीवान के उस प्रश्न के उत्तर को ढूढ़ने में प्रियमेध की कई पीढ़िया गुजरती गई.

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