जब देवता हुए नारद से परेशान तथा बंद किये सभी स्वर्ग के द्वार !

narad muni story in hindi, narad muni katha in hindi, information about narada muni in hindi, narad muni story in english, narad muni narayan narayan, narada muni stories in hindi

narad muni story in hindi, narad muni katha in hindi, information about narada muni in hindi, narad muni story in english, narad muni narayan narayan, narada muni stories in hindi

Narad muni story in hindi

एक बार सभी देवता नारद के विषय में चर्चा कर रहे थे वे सभी नारद जी के बिना बुलाये कहि भी बार-बार आ जाने को लेकर बहुत परेशान थे. उन्होंने निश्चय किया कीवे अपने द्वारपालों से कहकर नारद जी को किसी भी दशा में अंदर प्रवेश नही करने देंगे और किसी न किसी बहाने से उन्हें टाल देंगे. अगले दिन नारद जी भगवान शिव से कैलाश पर्वत पहुंचे परन्तु नंदी ने उन्हें बाहर ही रोक दिया.

नंदी के इस तरह रोके जाने पर नारद आश्चर्यचकित होकर उनसे पूछने लगे आखिर आप मुझे अंदर प्रवेश क्यों नही करने दे रहे. तब नंदी ने उन्हें कहा की आप कहि और जाकर अपनी वीणा बजाए भगवान शंकर अभी ध्यान मुद्रा में है, जिसे सुन नारद जी को क्रोध आ गयाऔर वे क्षीरसागर भगवान विष्णु से मिलने पहुंचे. वहा पर भी बाहर ही उन्हें पक्षिराज गरुड़ ने रोक लिया तथा अंदर प्रवेश नही करने दिया. इस तरह नारद मुनि हर देवताओ के वहा गए परन्तु स्वर्ग के सभी द्वार उनके लिए बंद हो चुके थे.

Related Post

READ  क्या कहता है भागवत पुराण कल्कि अवतार के बारे में !