in

भगवान शिव का एक मंदिर जहां रखा है पांडवो का 200 ग्राम वजनी दाना जो है 5000 वर्ष पुराना !

Mamleshwar

Mamleshwar Jyotirlinga:

(Mamleshwar) ममलेश्वर महादेव  भगवान शिव का बहुत ही अनोखा व प्राचीन मंदिर है जो पांडवो द्वारा निर्मित है . इस मंदिर में पांडवो ने एक दर्लभ गेहू का दाना रखा है जिसका वजन 200 ग्राम है साथ ही यह गेहू 5000 वर्ष पुराना माना जाता है. हिमांचल प्रदेश को देव भूमि कहा जाता है इसलिए यह आसानी से कोई न कोई प्राचीन मंदिर (Mamleshwar) देखने को मिल जायेगा. इन्ही प्राचीन मंदिर में से एक ममलेश्वर महादेव मंदिर जो भगवान शिव और माता पार्वती  को समर्पित है तथा इस मंदिर के अंदर भगवान शंकर और माता पार्वती की युगल मूर्ति स्थापित है. माना जाता है की यहाँ अज्ञातवास के दौरान पांडव माता कुंती व द्रोपती के साथ आये थे तथा कुछ समय के लिए रुके थे.

Mamleshwar Jyotirlinga Story:

इस मंदिर में एक प्राचीन धुनि भी है जिसके बारे में यह मान्यता है की यह महाभारत काल  से जलती आ रही है जिसके पीछे एक कथा है. जब इस गाव में पांडव रुके थे उससे पहले यहाँ किसी गुफा में एक राक्षस  रह रहा था. उसने इस गाव में बहुत आतंक मचाया उसे रोकने के लिए गाव वालो ने राक्षस से समझोता कर रखा था की वे प्रतिदिन उसे एक आदमी भेजेंगे तथा वह इसके बदले में गाव वालो को कोई नुकसान नही पहुचायेगा. एक दिन पांडव जिस कुटिया  में रुके थे उसकी बगल में रह रहे परिवार का राक्षस को खाना देने का नंबर था. उसकी माता की रोने की आवाज सुन पांडव उस घर में गए और उस औरत से रोने का कारण पूछा. औरत बोली की आज मेरे बेटे को राक्षस को खाना देने जाना है इसके बाद में अपने बेटे को कभी न देख सकूंगी.तब माता कुंती ने अपने पुत्र भीम को उस औरत के पुत्र के स्थान पर भेजा.भीम ने उस राक्षस को मारकर उसका आतंक खत्म किया तथा भीम के विजय की याद में ही गाव वालो ने वह अखंड ज्योति जलाई. यह धुनि पांच हजार सालो से अनवरत जलती चली आ रही है.

Mamleshwar

इस मंदिर (Mamleshwar) में उस प्राचीन धुनि के साथ ही एक प्राचीन ढोलक भी है जिसे महाबली भीम के द्वारा बजाय जाता था. इस मंदिर पांच शिवलिंग स्थापित है जिसकी स्थापना भी पांडवो ने ही करी थी. देश का यह अभूतपूर्व मंदिर प्राचीनता और दिव्यता के दशर्न के साथ-साथ महाभारत काल के तमाम सबूतो को अपने आप में समेटे हुए है. भारतीय पुरातत्व विभाग भी इस मंदिर की अति प्राचीनता को स्वीकारता है !

अब आप बिना Internet अपने फ़ोन पर पंचांग, राशिफल, आरती, चालीसा, व्रत कथा, पौराणिक कथाएं और प्रमुख एवं अजीबो गरीब मंदिरो की जानकारी प्राप्त कर सकते है ! Click here to download

आखिर कैसे बने पाण्डु पुत्र भीम इतने शक्तिशाली !

56 prakar ka bhojan

जानिए आखिर क्यों लगता है भगवान को 56 (छप्पन ) प्रकार का भोग !

Bhagavad Gita App

Bhagavad Gita – Download Android app !