आखिर क्यों है माँ दुर्गा का वाहन शेर और माँ पार्वती का वाहन बाघ !

maa durga vahan maa parvati vahan

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Maa Durga vahan Maa Parvati vahan:

माँ दुर्गा हमेशा शेर पर सवार होकर आती है और वहीं माँ पार्वती अपने वाहन बाघ पर सवारी करती है क्योकि माँ दुर्गा अपने शेर पर सवार होकर हर बुराई और दुस्टो का नाश करती है इसलिए उन्हें उनके भक्तो द्वारा माँ शेरावाली के नाम से भी पुकारा जाता है. बाघ अदम्य साहस ,क्रूरता, आक्रामकता और शौर्यता का प्रतीक है यह तीनो विशेषताए माँ पार्वती के आचरण में भी देखनो को मिलती है.संसार की हर आवाज बाघ की दहाड़ के आगे कमजोर लगती है .माँ पार्वती बहुत ही दयालु है उनका हृदय बहुत ही कोमल है .यदि कोई भक्त माँ की पूजा  सच्चे मन और पूरी श्रद्धा से करता है तो उसके हर संकट को माँ हर लेती है तथा उसके हर बिगड़े काम बनते है वहीं कोई व्यक्ति माँ का अपमान करता है तो माँ का क्रोध बहुत भयंकर होता है.

आइये जानते है आखिर कैसे प्राप्त हुआ माँ दुर्गा और पार्वती को उनके वाहन शेर तथा बाघ. पौराणिक कथा के अनुसार एक बार कैलाश पर्वत में माँ पार्वती और शिवजी साथ बैठे हुए थे और एक दूसरे से मजाक कर रहे थे .मजाक में ही शिवजी ने माँ पार्वती को काली कह दिया .माँ पार्वती को बहुत बुरा लगा और वह कैलाश पर्वत को छोड़ कर वन में चली गई तथा वह घोर तपस्या में लीन हो गई .इस बीच एक भूखा बाघ  मां पार्वती को खाने की इच्छा से वहां पहुंचा, ले‌किन वह वहीं चुपचाप बैठ गया. माता के प्रभाव के चलते वह बाघ भी तपस्या कर रही मां के साथ वहीं सालों चुपचाप बैठा रहा. मां ने हठ कर ली थी कि जब तक वह गौरी नहीं हो जाएगी तब तक वह यहीं तपस्या करेगी.तब शिवजी वहां प्रकट हुए और देवी को गौरा होने का वरदान देकर चले गए.

फिर माता ने पास की ही नदी में स्नान किया और बाद में देखा की एक बाघ वहां चुपचाप बैठा माता को ध्यान से देख रहा है. माता पार्वती को जब यह पता चला कि यह बाघ उनके साथ ही तपस्या में यहां सालों से बैठा रहा है तो माता ने प्रसंन्न होकर उसे वरदान स्वरूप अपना वाहन बना लिया.तब से मां पार्वती का वाहन बाघ हो गया.

इसी संबंध में एक दूसरी कथा जो संस्कृत में लिखे संकंद पुराण के तमिल संस्करण कांडा पुराण में उलेखित है ,के अनुसार शिव के पुत्र मुरुगन (कार्तिकेय ) ने देवासुर संग्राम में दानव तारक और उसके दो भाई सिंहमुखम और सुरापदमन  को पराजित किया .सिंहमुखम ने अपनी पराजय पर मुरुगन से माफ़ी मांगी जिस कारण मुरुगन ने उन्हें शेर में बदल दिया और माँ दुर्गा के वाहन बनने का आशीर्वाद दिया !

 

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