जानिए आखिर क्यों कहलाते हैं भगवान शिव त्रिपुरारी !

shiva tripurari

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भगवान शिव को अनेको नाम से उनके भक्त पुकारते है, इन्ही नामो में से उनका एक नाम त्रिपुरारी  भी है व कार्तिक मास की पूर्णिमा, त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से जानी जाती है. भगवान शिव के त्रिपुरारी कहलाने के पीछे एक बहुत ही रोचक कथा है.

शिव पुराण के अनुसार जब भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय  ने दैत्यराज तारकासुर का वध किया तो उसके तीन पुत्र तारकक्ष, विमलाकक्ष, तथा विद्युन्माली  अपने पिता की मृत्यु पर बहुत दुखी हुए. उन्होंने देवताओ और भगवान शिव से अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने की ठानी तथा कठोर तपश्या के लिए उच्चे पर्वतो  पर चले गए. अपनी घोर तपश्या के बल पर उन्होंने ब्रह्मा जी को प्रसन्न किया और उनसे अमरता का वरदान  माँगा. परन्तु ब्रह्मा जी ने कहा की मैं तुम्हे यह वरदान देने में असमर्थ हूँ अतः मुझ से कोई अन्य वरदान मांग लो.