आखिर क्यों भगवान शिव ने लिया वृषभ अवतार और किया विष्णु के पुत्रो का वध !

Avatars of lord shiva :

(Avatars of lord shiva) जब क्षीर सागर में देवताओ और असुरो ने मिलकर समुद्र मंथन किया तो उसमे से कई सारी वस्तुए प्रकट हुई जिनमे मुख्यतः हीरे, चन्द्रमा, माता लक्ष्मी, ऐरावत हाथी तथा अमृत  से भरा पात्र था. वास्तव में समुन्द्र मंथन देवताओ और असुरो ने उस अमृत से भरे पात्र को पाने के लिए किया था.

जैसे ही समुद्र में से अमृत से भरा पात्र निकला सारे देवता और असुर उस अमृत के पात्र को पाने के लिए एक दूसरे से लड़ पड़े तथा दोनों के मध्य बहुत भयंकर युद्ध हुआ. अंत में असुर देवता उस अमृत के कलश को लेने में सफल हुए तथा तब देवताओ ने असुरो से अमृत प्राप्त करने के लिए विष्णु भगवान की शरण ली. भगवान विष्णु ने देवताओ के निवेदन पर मोहनी नाम की एक सुन्दर सी स्त्री का रूप बनाया तथा असुरो के समीप गए. अपनी सुंदरता के छल से भगवान विष्णु ने सभी असुरो को भ्रमित किया तथा उनसे अमृत कलश प्राप्त कर लिया.

Avatars of lord shiva

भगवान विष्णु ने अमृत कलश को असुरो से प्राप्त करने के लिए प्रत्येक असुरो के समक्ष अपनी मायाजाल से अनेक अप्सराओ का सृजन किया था. जब असुरो ने उन सुंदर अप्सराओ को देखा तो वे उन पर आकर्षित हो गए तथा अमृत कलश को भूल वे सब उन अप्सराओ के साथ पाताल लोक  चले गए. जब तक सभी असुर पाताल लोक में थे तो भगवान विष्णु ने सारा अमृत देवताओ को पिला दिया. असुरो के पाताल लोक से वापस लौटने पर उन्होंने अमृत कलश खाली पाया और वे सब देवताओ पर क्रोधित हो गए.