क्या हुआ जब त्रिदेवियो के घमंड को तोड़ने के लिए त्रिदेवो को बनना पड़ा शिशु !

story of anasuya mata

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story of anasuya mata :

एक बार देवी लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती तीनो स्वर्ग में एक जगह पर एकत्रित हुए तथा तीनो अपने पतिव्रता धर्म की बढ़ाई करने लगे. जब तीनो देवियाँ यह तय नही कर पायी की उनमे कौन सबसे ज्यादा पतिव्रता है तो उन्होंने पास में ही नारयण का जप करते हुए नारद मुनि को जाते देखा तथा उन्हें रोका. माता लक्ष्मी  ने नारद जी को अपनी समस्या बताई तथा उनसे यह बताने का आग्रह किया की तीनो देवियो में कौन सबसे ज्यादा पतिव्रता है.

नारद जी बोले देवियो अगर मेरे कथन से आपको कुछ दुःख पहुंचे तो मुझे क्षमा करना परन्तु मेरे अनुसार ऋषि अत्रि की पत्नी देवी अनसूया के आलवा तीनो लोक में और कोई उनके जैसा पतिव्रता नही. इसके बाद नारद जी देवी अनसूया के पतिव्रता धर्म की बढ़ चढ़कर प्रशंसा करने लगे. नारद मुनि के मुह से देवी अनसूया की प्रशंसा सुन तीनो देवियाँ ईर्ष्या से जलने लगी तथा तीनो देवियो ने अनसूया की सात्विता की परीक्षा के लिए त्रिदेवो से हठ किया. तीनो देवियो के जिद पर त्रिदेव अत्रि मुनि के आश्रम में साधु वेश धारण कर पहुंचे तथा भिक्षा मागने लगे.

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