अनंतपुर मंदिर, केरल – एक अनोखा मगरमच्छ जो करता है मंदिर की पहरेदारी !

Ananthapura Lake Temple

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Ananthapura Lake Temple:

आप को जानकर आश्चर्य होगा की केरल के अनंतपुर मंदिर (ananthapura lake temple) में एक मगरमच्छ करीब 150 वर्षो से पहरेदारी कर रहा है. अनंतपुर मंदिर(ananthapura lake temple) केरल के कासरगोड में स्थित है तथा यह केरल का एकमात्र झील मंदिर है. 2 एकड़ में बीचो-बीच फैला यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और इस मंदिर में जाने के लिए आपको पुल से होकर गुजरना होगा. इस मंदिर के पास एक बबिया नाम का दिव्य मगरमछ रहता है जिसकी ख्याति यहाँ दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.

यहाँ के लोग के अनुसार यह मगरमच्छ (ananthapura lake temple crocodile) मंदिर की रक्षा करता है तथा किसी भी व्यक्ति को इसने आज तक कोई नुकसान नही पहुचाया है. यह मगरमच्छ पूरी तरह से शाकाहारी है जिसे मंदिर के पुजारी और मंदिर में आने वाले श्रद्धालु प्रसाद खिलाते है. यह मगरमच्छ केवल भक्तो और पुजारियों  द्वारा दिए गये प्रसाद से अपना पेट भरता है तथा उसके बाद वापस झील के अंदर विलुप्त हो जाता है. यह झील के अंदर भी अन्य जीवो को नुकसान नही पहुँचाता.

Ananthapura Lake Temple Mystery :

यहाँ के लोगो का कहना इस मंदिर (ananthapura lake temple) के झील का पानी गर्मी और वर्षा के मौसम में सदेव एक स्तर में बना रहता है.यह मंदिर 9वी शताब्दी का बना हुआ है तथा यहाँ आकर ऐसा लगता है की हम फिर से पुरानी दुनिया में आ गये. आमतौर पर अधिकतर मंदिर की मुर्तिया पत्थरो से निर्मित होती है परन्तु इस मंदिर की मुर्तिया पत्थरो से नही बल्कि 70 से ज्यादा ओषधियों की सामग्री से निर्मित है. इस प्रकार की मुर्तिया को कादु, शर्करा योग के नाम से जाना जाता है. हालांकि 1972 में इन मूर्तियों को लोह धातु में परिवर्तिति करने का प्रयास किया था जिसे वापस से कादु, शर्करा योग में परिवर्तित कर दिया गया है. यहाँ के लोगो का कहना है की इस मंदिर में तिरुअनंतपुरम के अनंत-पद्मनाभस्वामी आकर स्थापित हुए थे.

इस मंदिर के पहरेदार मगरमच्छ के बारे एक और दिलचस्प बात यहाँ के लोगो बताते है की जब भी मगरमच्छ की मृत्यु होती है तो एक नया मगरमच्छ पुनः रहस्मयी  ढंग से उत्तपन हो जाता है. कहते है की 1945 में एक अंग्रेज अफसर ने मंदिर के मगरमच्छ को गोली चला कर मार डाला था परन्तु अविश्वनीय तरीके से वही मगरमच्छ अगले दिन झील में तैरता दिखाई दिया . कुछ दिनों बाद एक साप के डसने से उस अंग्रेज अफसर की मृत्यु हो गई जो लोगो के अनुसार साप देवता अनंत का बदला था.

माना जाता है की अगर आप भग्यशाली है तो उस मगरमच्छ के दर्शन कर सकते है. मंदिर के पुजारियों व ट्रष्टी कहते है की यह मगरमच्छ भगवान का दूत  है जो मंदिर के प्रांगण या उसके आस-पास होने जा रही कोई भी अनुचित घटना के बारे में पहले से ही सचेत कर देता है !

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